श्रीलंका में राजनीतिक संकट खत्म, प्रधानमंत्री बने विक्रमसिंघे

कोलंबो: रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को दोबारा श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने पद की शपथ दिलाई। विक्रमसिंघे को अक्टूबर में इस पद से हटा दिया गया था।इस कदम के साथ देश में करीब दो महीने से चला आ रहा राजनीतिक संकट समाप्त हो गया, जो विक्रमसिंघे को अचानक हटाए जाने के बाद उत्पन्न हो गया था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्तारूढ़ युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के नेता विक्रमसिंघे ने यहां राष्ट्रपति सचिवालय में पद की शपथ ली। सचिवालय के बाहर उनके सैकड़ों समर्थक मौजूद थे।

कैबिनेट का हिस्सा बनने वाले मंत्रियों के सोमवार को शपथ लेने की उम्मीद है।यूएनपी के सांसदों ने मीडिया को बताया कि विक्रमसिंघे की नियुक्ति ने ‘देश में लोकतंत्र बहाल कर दिया है और नई सरकार अब अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और नए प्रस्तावों का अनावरण करने की दिशा में काम करेगी।’  26 अक्टूबर को विक्रमसिंघे की बर्खास्तगी के बाद सिरिसेना द्वारा नियुक्त किए जाने के सात सप्ताह बाद महिंदा राजपक्षे ने शनिवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद रविवार को विक्रमसिंघे ने शपथ ली।

संसद ने बुधवार को विक्रमसिंघे के पक्ष में विश्वास मत पारित किया था।सर्वोच्च न्यायालय ने अगले दिन अपने फैसले में कहा कि सिरिसेना द्वारा नवंबर में संसद को भंग करने का फैसला अवैध था।यूएनपी ने कहा कि सिरीसेना द्वारा विक्रमसिंघे की बर्खास्तगी असंवैधानिक थी क्योंकि उन्हें संसद में बहुमत हासिल था।

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