मोदी ने ईरान मुद्दे पर भारत की चिंताओं से ट्रंप को अवगत कराया

ओसाका: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फारस की खाड़ी में ईरान से संबंधित तनावों पर भारत की चिंताओं से शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अवगत कराया और कहा कि क्षेत्र में ‘अस्थिरता’ ऊर्जा के अतिरिक्त ‘कई मायनों’ में भारत को प्रभावित करती है। विदेश सचिव विजय गोखले ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वे और उनके अधिकारी निरंतर संपर्क में रहेंगे, ताकि क्षेत्र स्थिर रहे। 5जी, व्यापार और रक्षा संबंधों के साथ ईरान के मुद्दे को मोदी ने यहां जी-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप के समक्ष उठाया।

विदेश सचिव ने कहा, ”जहां तक ईरान का संबंध है, प्रधानमंत्री ने हमारी ऊर्जा चिंताओं और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के बारे में हमारी चिंताओं को रेखांकित किया।” उन्होंने कहा, ”ईरान पर, प्राथमिक फोकस यह था कि हम उस क्षेत्र में स्थिरता कैसे सुनिश्चित करते हैं। इस क्षेत्र में अस्थिरता हमें कई मायनों में प्रभावित करती है, न सिर्फ हमारी ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से, बल्कि खाड़ी में मौजूद लगभग 80 लाख भारतीय प्रवासियों और आर्थिक हितों के संदर्भ में भी प्रभावित करती है।” उन्होंने कहा कि यह भारत और अमेरिका के हित में है कि यह क्षेत्र स्थिर बना रहे।

ट्रंप के साथ मोदी की बैठक का विवरण देते हुए, गोखले ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा कि भारत ने ईरान से तेल आयात घटाया है, जो भारत की ऊर्जा का 11 प्रतिशत आपूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बावजूद ऐसा किया है। अमेरिका ने मई में ईरान से तेल आयात करने के प्रतिबंधों से भारतीय कंपनियों को अपनी छूट समाप्त कर दी थी। ओमान की खाड़ी में दो जहाजों पर हमले होने के बाद हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके लिए वाशिंगटन ने तेहरान को जिम्मेदार ठहराया है।

क्षेत्र में अस्थिरता पर भारत की चिंताओं के बारे में गोखले ने कहा कि भारत के पास वहां मौजूद अपने प्रवासी हैं, वहां ऊर्जा आवश्यकताएं हैं और वहां आर्थिक हित हैं। विदेश सचिव ने कहा, ”इसलिए क्षेत्र की शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना भारत के मौलिक हित में है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने खाड़ी में गुजरने वाले और होरमुज के जलडमरूमध्य के लिए भारतीय नौसेना के कुछ जहाजों को तैनात किया है। गोखले ने कहा कि ट्रंप ने इसकी बहुत सराहना की और दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई है कि तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी।

विदेश सचिव ने कहा कि ट्रंप ने इस बारे में बात की कि ”खाड़ी में स्थिरता बनी रहे और तेल की कीमतें स्थिर रहे, इसके लिए अमेरिका क्या कर रहा है और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत है कि हम ईरान के मुद्दे पर संपर्क में रहेंगे और हम इस बारे में आपसी चर्चा करते रहेंगे कि हम कैसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि 5जी पर, अनिवार्य रूप से तकनीकी और व्यापारिक अवसरों पर एक संक्षिप्त चर्चा हुई, जो इस नए क्षेत्र में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सहयोग के अवसर प्रदान करता है।

एक सवाल के जवाब में, विदेश सचिव ने कहा कि रूस के साथ पांच एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों की खरीद के लिए भारत के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है, जिसे अमेरिका खत्म करना चाहता है।

 

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