पाकिस्तान के क्वेटा शहर में धमाका, हजारा समुदाय के 20 मरे और 48 घायल

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के क्वेटा शहर में शुक्रवार को हजारा समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर किए गए एक विस्फोट में कम से कम 20 लोग मारे गए और 48 अन्य घायल हो गए। पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अब्दुल रज्जाक चीमा ने डॉन न्यूज को बताया कि मृतकों में से आठ लोग हजारा समुदाय के हैं, जिन्हें सांप्रदायिक हिंसा का शिकार बनाया जाता रहा है, क्योंकि वे अपनी विशिष्ट शारीरिक बनावट के कारण आसानी से पहचाने जा सकते हैं।

डीआईजी चीमा ने कहा, ”हमला एक दुकान (हजारगंजी इलाके की सब्जी की दुकान) में हुआ। आलू से भरी एक बोरी में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईडी) लगा था। हमें अभी पता करना है कि इसका टाइम सेट किया गया था या यह रिमोट नियंत्रित था। जांच जारी है।” मृतकों में फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) का एक सैनिक भी शामिल है।इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। पिछले चार दशकों के दौरान हिंसा से बचने के लिए अफगानिस्तान से भागकर आए करीब पांच लाख हजारा समुदाय के लोग क्वेटा में बस गए हैं। शहर का हजारगंजी इलाका अतीत में इसी तरह के हमलों का गवाह रहा है।

हजारा समुदाय के दुकानदार हजारगंजी बाजार में अपनी दुकानों पर सब्जियां और फल बेचने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें हजारीगंज से आने-जाने के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जाती है, क्योंकि ये लगातार निशाने पर रहते हैं। चीमा ने डॉन को बताया, ”हजारा समुदाय के लोग रोजाना हजारा क्षेत्र से एक काफिले में सब्जियां खरीदने आते हैं। उन्हें पुलिस और एफसी द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाती है और फिर वे लौट जाते हैं। आज भी ऐसा ही था।” विस्फोट के बाद, हजारा समुदाय के नेता, कादिर नायल ने पाकिस्तान सरकार से समुदाय के लोगों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ”एक बार फिर हमारे लोगों को निशाना बनाया गया … हम सरकार से और अधिक सुरक्षा की मांग करते हैं और इस आतंकवादी कृत्य में शामिल लोगों को तलाश कर दंडित किया जाना चाहिए।” प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस हत्याकांड की निंदा की और हमले की रिपोर्ट मांगी, जबकि बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल ने वादा किया कि हमले में शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।

 

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