अपने ही हेलिकॉप्टर को निशाना बनाना बड़ी चूक थी : वायुसेना प्रमुख

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शुक्रवार सुबह स्वीकार किया कि इस साल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में गिरा हेलिकॉप्टर भारतीय मिसाइल की ही चपेट में आ गया था। यह ‘बड़ी चूक’ थी। श्रीनगर के पास बडगाम में 27 फरवरी को एक एमआई-17 वी-5 हेलिकॉप्टर हमले के बाद गिर गया था। यह घटना उस समय घटित हुई, जब बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान हवाई टकराव में उलझे हुए थे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हुए हमले के बाद भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तानी क्षेत्र के अंदर जाकर आंतकी शिविरों को तबाह किया था, जिसके एक दिन बाद यह घटना हुई।

हेलिकॉप्टर में सवार छह भारतीय वायुसेना कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। हाल ही में वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने वाले भदौरिया ने कहा, ”यह हमारी ओर से एक बड़ी चूक थी। हम इसे स्वीकार करते हैं।” उन्होंने कहा कि इस घटना से संबंधित कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पिछले सप्ताह ही पूरी हुई है। एयर चीफ मार्शल ने कहा, ”हमारी मिसाइल हेलिकॉप्टर से टकरा गई, जिसे हमने ही तैनात था। प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।” कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में पाया गया कि इस हेलिकॉप्टर पर अपने ही देश के स्पाइडर एयर डिफेंस की ओर से मिसाइल दाग दी गई थी, जो श्रीनगर एयरबेस में स्थित है।

जांच में यह भी पाया गया है कि एयर डिफेंस सिस्टम को संभालने वाले अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर को दुश्मन देश की ओर से आ रही मिसाइल समझ लिया। हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के 10 मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेलिकॉप्टर दो हिस्सों में टूट गया और इसमें आग लग गई। यह घटना बालाकोट हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच भारी गोलाबारी के कारण तनाव बढ़ने के बाद हुई। बालाकोट हमला 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई थी।

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