सुकमा हमले के बाद सीआरपीएफ को मिली बड़ी कामयाबी रजनीश सिंह

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवानों की शहादत के एक महीने के भीतर अर्धसैनिक बल ने अपने नक्सल विरोधी अभियानों के तहत 105 नक्सलियों को पकड़ने और 25 नक्सलियों के समर्पण करने का दावा किया है। गृह मंत्रालय के एक दस्तावेज में खुलासा हुआ है कि सीआरपीएफ को यह सफलता 24 अप्रैल से 23 मई के बीच मिली, जो इस साल महीने के आधार पर सर्वाधिक आंकड़ा है।

सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के पास से 20.35 लाख रुपये नकद, 39 हथियार, 4,628 गोला-बारूद, 302 विस्फोटक, चार हथगोले, 91 बम तथा 29 आईईडी उपकरण जब्त किए। जिलेटिन की तीन छड़ें, 5,133 डेटोनेटर तथा 60 किलोग्राम मादक पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। दस्तावेज आईएएनएस को भी मिला है।

दस्तावेज के मुताबिक, नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ में चलाए गए विशेष अभियान में 41 नक्सलियों ने समर्पण किया, जबकि 100 से अधिक नक्सलियों को पकड़ा गया।झारखंड के 15 तथा ओडिशा के सात नक्सलियों ने समर्पण किया, जबकि बिहार में सर्वाधिक 45, छतीसगढ़ तथा झारखंड में 12 तथा तेलंगाना में सात नक्सलियों को पकड़ा गया।

बीते 24 अप्रैल को सुकमा हमले से पहले इस साल लगभग चार महीनों के अंतराल में नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में केवल 28 नक्सलियों ने समर्पण किया था, जबकि 516 नक्सली पकड़े गए थे। सीआरपीएफ के नए महानिदेशक आर.आर.भटनागर ने नक्सल-रोधी अभियानों की सफलता की व्याख्या करते हुए आईएएनएस से कहा, ”हर तरह से प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य पुलिस के साथ हमारा निरंतर बेहतर समन्वय है।

यही कारण है कि हमें सफलता मिल रही है।” यह पूछे जाने पर कि क्या सफलता के लिए सीआरपीएफ की नई रणनीति जिम्मेदार है, उन्होंने कहा, ”रणनीतियों के बदलने से यह नहीं होता, बल्कि बेहतर खुफिया व राज्य पुलिस के साथ बेहतर समन्वय, निरंतर आक्रामक गतिविधियों तथा प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल पर केंद्रित होने से होता है।” उन्होंने कहा कि पकड़े गए 25 नक्सलियों में से 15 सुकमा हमले में शामिल थे।
भटनागर ने कहा, ”भीषण गर्मी के बावजूद हमारे जवान रोजाना आक्रामक अभियानों को अंजाम दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर 82 नक्सली घटनाओं में सीआरपीएफ ने 28 हथियार तथा 3,420 गोला-बारूद खो दिए।

दस्तावेज के मुताबिक, साल 2016 में सर्वाधिक (2,166) संख्या में नक्सलियों ने समर्पण किया था। वहीं साल 2015 में 1,635 नक्सली पकड़े गए थे।। साल 2015 में ही 940 नक्सलियों ने समर्पण किया था।
साल 2014 में कुल 940 नक्सलियों ने समर्पण किया था, जबकि 1,546 नक्सली पकड़े गए थे। वहीं, साल 2013 में केवल 81 नक्सलियों ने समर्पण किया था, जबकि 1,596 नक्सली पकड़े गए थे। साल 2012 में 983 नक्सलियों ने समर्पण किया था, जबकि 1,766 नक्सली पकड़े गए थे।

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