फर्जी एनकाउंटर मामला : 4 पुलिस कर्मी निलम्बित, आरोपी दारोगा गिरफ्तार

नोएडा: नोएडा में फर्जी एनकाउन्टर मामले में खाकी के सवालों के घेरे में आने के बाद अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने कहा है कि यह निश्चित रूप से मुठभेड़ का मामला नहीं है। पहली नजर में यह व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला लग रहा है। इस मामले की गहनता से जांच करायी जा रही है। इसके अलावा प्रशिक्षु उप-निरीक्षक को जेल भेजकर चार पुलिस कर्मियों को निलम्बित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच कराई जायेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परिजनों का आरोप है कि शनिवार की रात्रि कार से घर लौट रहे जितेन्द्र यादव और उसके साथियों को नोएडा के सेक्टर 122 में दारोगा विजय दर्शन ने चेकिंग के दौरान गोली मार दी। शुरू में दारोगा और उनकी टीम ने युवकों को बदमाश ही माना और जिसके कारण गोली चलाई और इसमें जितेन्द्र घायल हो गया। बाकी युवक भाग निकले। घरवालों ने आरोप लगाया है कि दारोगा की बेटे से व्यक्तिगत रंजिश थी, इस कारण उसे गोली मारी है।

इसमें थाना प्रभारी की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परिवार द्वारा लगाये गए आरोप को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है। इसमें दोषी दारोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी विजय दर्शन, दारोगा पंकज सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र और संजय को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच बैठायी गयी है। इस मामले में डीजीपी मुख्यालय ने भी नाराजगी जताई है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था आनन्द कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी डीआईजी से मांगी है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा है कि एनकाउंटर के लिए बहुत दक्षता चाहिए। एनकाउंटर से अपराध नहीं रुकेंगे। ये कोई ब्रह्मास्त्र नहीं है। आशंकाएं होती हैं। अगर लीडरशिप ठीक नहीं है तो गलत होगा। अगर गलत एनकाउंटर होता है तो हत्या का आरोप लगता है।

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