पश्चिम बंगाल में भगदड़ से 3 लोगों की मौत

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में शुक्रवार सुबह एक मंदिर की दीवार के एक हिस्से के गिरने से मची भगदड़ के बाद तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।
भारी बारिश के बाद बाबा लोकनाथ मंदिर का एक हिस्सा तड़के सुबह 2.15 बजे गिर गया और वहां जमा कुछ श्रद्धालु कीचड़ में फिसल गए। श्रद्धालु 18वीं सदी के बंगाली संत लोकनाथ ब्रह्मचारी की जयंती पर पूजा-अर्चना के लिए जमा हुए थे। राज्य पुलिस कंट्रोल रूम के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, ”तीन लोगों की मौत हुई है।” एक पुलिस सूत्र ने कहा कि करीब 25 लोग घायल हुए हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने कहा, ”बारिश व तूफान के बीच कुछ लोगों ने पलती गली के स्टॉल में शरण लेने की कोशिश की। कुछ पास के तालाब में गिर गए।” उन्होंने कहा, ”भगदड़ जैसे हालात दहशत की वजह से पैदा हुए। भारी बारिश की वजह से कुछ दुकानें भी ढह गईं। लोग बाहर नहीं निकल सके, क्योंकि गली संकरी है।” उन्होंने कहा, ”कचुआ में मंदिर में इस अवसर पर भारी भीड़ होती है और प्रशासन सक्रिय रहा है। लेकिन इस बार भीड़ पहले के सभी रिकॉर्ड को पार कर गई।” हालांकि, ममता बनर्जी ने वार्षिक समारोह के प्रबंधन को लेकर नाखुशी जताई।राज्य के खाद्य व आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा कि भगदड़ के दौरान 10,000 लोग कतार में थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों में से दो-तीन लोगों की हालत ‘बहुत गंभीर’ है।

घायलों का उत्तर 24 परगना के बसीरहाट में अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा कोलकाता के तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज हो रहा है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। ममता बनर्जी ने गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को एक लाख रुपये व मामूली रूप से घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है।राज्य सरकार ने घायलों का पूरा चिकित्सा खर्च वहन करने की घोषणा की है। मंदिर की प्रबंधन कमेटी के एक सदस्य ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, ”हमने 5000 स्वंयसेवकों को लगाया है। ये स्वंयसेवक व पुलिस वहां भीड़ को नियंत्रण के लिए थे।”

 

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