दक्षिणी कश्मीर में एक और युवक ने आतंकवाद छोड़ा

श्रीनगर: फुटबॉल खिलाड़ी से आतंकवादी बने माजिद खान द्वारा सेना के समक्ष आत्मसमर्पण करने की घटना के एक दिन बाद दक्षिणी कश्मीर में अपने अभिभावकों की गुहार लगाने पर एक और स्थानीय आतंकवादी ने हिंसा का रास्ता छोड़ घर वापसी का मन बनाया है।

एक पुलिस अधिकारी ने इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने हालांकि सुरक्षा कारणों से उस आतंकवादी के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा,”हां, दक्षिणी कश्मीर में एक सक्रिय आतंकवादी युवक ने हिंसा का रास्ता छोड़ घर लौटने की इच्छा जतायी है। युवक की पहचान का खुलासा तभी किया जाएगा जब उसकी जान पर कोई खतरा न हो।”

दक्षिण कश्मीर में दो सप्ताह पहले लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ एक प्रसिद्ध फुटबॉलर माजिद ने गत गुरुवार को सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोशल मीडिया पर घर लौट आने की मां की गुहार संबंधी वीडीयो के जारी होने के ठीक अगले ही दिन माजिद ने समर्पण कर दिया। गत 14 नवंबर को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में माजिद के फंसे होने की खबर सुनकर उसके पिता इरशाद अहमद खान को दिल का दौरा भी पड़ा था।

इस बीच लश्करे-तैयबा ने माजिद के अभिभावकों की स्थिति को ध्यान में रखते उसे मुक्त कर दिये जाने का दावा किया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां ने इस दावे का खारिज कर दिया।

सेना ने माजिद के आत्मसमर्पण को “नवयुवक की ओर से उठाया गया बहादुरी भरा कदम” बताते हुए कहा गया कि युवक के विरुद्ध किसी प्रकार का आरोप तय नहीं किया जाएगा और उसके पुनर्वास में भी मदद की जाएगी।

माजिद की वापसी के बाद सोशल मीडिया पर अपने पुत्रों से आतंकवाद का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए दो अभिभावकों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। 20 वर्षीय दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों से हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से किस आतंकवादी ने समर्पण किया है।

 चिनार कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जे एस संधू ने स्थानीय आतंकवादियों से पाकिस्तान की ओर से छद्म युद्ध में भाग लेकर हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाए इसे छोड़ कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की कल अपील की थी। लेफ्टिनेंट जनरल संधू की स्थानीय आतंकवादियों से की गयी अपील का समर्थन वहां मौजूद पुलिस महानिदेशक एस पी वैद्य और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (अभियान) जुल्फिकार हुसैन  ने भी किया जो 15 कोर के मुख्यालय बदामीबाग में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे।

डा. वैद्य ने कहा कि यह बहुत ही प्रोत्साहित करने वाला सकारात्मक चलन है कि अभिभावक आगे आकर अपने बच्चों से आतंकवाद का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल होने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा,”हम सभी माताओं से अनुरोध करते हैं कि वे अपने बच्चों से हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने की अपील करें क्योंकि  सुुरक्षा बल किसी का भी अहित नहीं करना चाहते हैं।

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