जेकेलोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 10 नवजात बच्‍चों की अचानक मौत

जयपुर: कोटा के जेकेलोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में दस नवजात बच्‍चों की अचानक मौत हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में नवजात बच्चों के वार्ड में सीवर लीक की समस्या थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस सीवर लीक के चलते इन्फेक्शन फैल सकता है। हालांकि अभी तक बच्चों की मौत के कारण के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। बच्चों के माता-पिता की शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सीवेज लीक की समस्या को दूर कर लिया गया है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इतनी बड़ी संख्या में एक माह में बच्चों की मौत के सवाल पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया और रिकॉर्ड देखने की बात कही है। बता दें कि जेके लोन हॉस्पिटल इलाके के आदिवासी और गरीब समुदाय के लोग अपने बच्चों का इलाज कराने आते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस विषय की जांच-पड़ताल कराने और आवश्यक मेडिकल इंतजाम करने का अनुरोध को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सीएम को चिठ्ठी भी लिखी है। बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में स्थित जेके लोन अस्पताल में शिशुओं की असमय मौत सभी के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस बड़े अस्पताल में योग्य चिकित्साकर्मियों और जीवन रक्षक उपकरणों के अभाव के चलते हर साल 800 से 900 शिशुओं और 200 से 250 बच्चों की मौत हो जाती है।

बिरला ने गहलोत को लिखे पत्र में कहा कि जानकारी के मुताबिक अस्पताल में जीवन रक्षक उपकरण काम नहीं कर रहे हैं और योग्य चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मचारी के कई पद खाली हैं। उन्होंने इसे हर साल इस अस्पताल में शिशुओं और बच्चों की मौत होने की मुख्य वजह बताया और इस विषय की जांच पड़ताल करने के लिए गहलोत से एक कमेटी गठित करने का अनुरोध किया। बिरला ने कहा कि उन्होंने इस विषय की जांच पड़ताल करने और अस्पताल में सुविधाओं को बेहतर करने के लिए तथा सभी आवश्यक इंतजाम करने का गहलोत से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया है।

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