हाइकोर्ट व सिविल के अधिवक्ताओं ने एडवोकेट एक्ट में संशोधन के विरोध

बीसीआइ के आह्वान पर 31 मार्च को भी वकील नहीं करेंगे न्यायिक कार्य

रांची: एडवोकेट एक्ट में संशोधन के लिए संसद में लाए जा रहे विधेयक का पूरे देश के अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। इसी विधेयक का विरोध बुधवार को झारखंड हाइकोर्ट व सिविल कोर्ट रांची के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से दूर रह कर किया। 5200 से अधिक अधिवक्ता संशोधन एक्ट के विरोध में शामिल हुए। अधिवक्ता कोर्ट पहुंचे, लेकिन किसी भी अधिवक्ता ने अदालत में उपस्थिति दर्ज नहीं करायी।

जिसके कारण हाइकोर्ट एवं सिविल कोर्ट में पांच हजार से अधिक मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने सभी मामलों में सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित की। अधिवक्ताओं ने एडवोकेट एक्ट में होनेवाले संशोधन का जबरदस्त विरोध किया। हाइकोर्ट के अधिवक्ताओं ने हाइकोर्ट परिसर से लॉ कमीशन हाय-हाय, लॉ कमीशन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए हाइकोर्ट के आगे अम्बेदकर चौक तक गये। वहां धरना के साथ प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ताओं ने संशोधन को वापस लो-वापस लो, लॉ कमीशन की तानाशाही नहीं चलेगी-नहीं चलेगी आदि के भी नारे लगाये गये।

विरोध करनेवालों में महाधिवक्ता विनोद पोद्दार, अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार, झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजीव रंजन, सदस्य नीलेश कुमार, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य सह एडवोकेट्स एसोसिएशन झारखंड हाइकोर्ट के महासचिव हेमंत शिकरवार, अध्यक्ष एके कश्यप, प्रशासनिक सचिव धीरज कुमार, अधिवक्ता केके मिश्रा, वी विश्वनाथ, शैलेश सिंह, अशोक सिंह समेत सैकड़ो की संख्या में अधिवक्तागण शामिल थे। वहीं सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने नया बार भवन के सामने नारे लगाये। जिसमें सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।

  • इस विधेयक का है विरोध

1. काम में लापरवाही करने, अनुशासन तोड़ने पर वकीलों पर कार्रवाई होगी।
2. वकीलों को उपभोक्ता आयोग द्वारा तय नियमों के मुताविक हर्जाना देना होगा।
3. जज या कोई भी न्यायिक पदाधिकारी लापरवाही व अनुशासनहीनता पर वकील का लाइसेंस रद कर सकता है।
4. हड़ताल करने पर कार्रवाई या जुर्माना।
5. राज्य बार काउंसिल के आधे से ज्यादा सदस्य हाइकोर्ट द्वारा नामित किये जाएंगे। इन सदस्यों में डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन आदि होंगे।
6. बीसीआइ के सदस्य के लिए कोई चुनाव नहीं होगा।
7. सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश, केन्द्रीय निगरानी आयुक्त, सीए के अपीलीय पदाधिकारी द्वारा बीसीआइ के आधे से पदाधिकारी द्वारा बीसीआइ के आधे से अधिक सदस्य नामित किये जाएंगे।

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