3 डीएसपी, 3 इंस्पेक्टर अब करेंगे शिक्षक शिव हत्याकांड का खुलासा

एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर दोबारा एसआईटी गठित, पूर्व एसआईटी को मिली असफलता

रांची: गुरुनानक स्कूल के शिक्षक शिव प्रसाद हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एक बार फिर से एसआईटी का गठन हुआ है। एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर एसआईटी बनी है। सिटी एसपी सुजाता विणापानी की देखरेख में तीन डीएसपी व तीन इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी फिर से पूरे मामले की जांच करेंगे। इसमें सिटी डीएसपी अमित कुमार सिंह, डीएसपी सीसीआर विकास कुमार लांगुरी, रांची साइबर सेल डीएसपी यशोधरा, लालपुर इंस्पेक्टर अरविंद सिंह, सदर इंस्पेक्टर वेंकटेश कुमार और अभियोजन शाखा के अनिल कुमार कर्ण शामिल हैं। एसएसपी ने एसआईटी को पूरे मामले की तफ्तीश बेहतर ढंग से करने का निर्देश दिया है, ताकि जल्द से जल्द पूरे मामले का खुलासा हो सकें। एसएसपी स्वयं पूरे केस की समय-समय पर मॉनिटरिंग करेंगे। हालांकि, पूर्व में एसएसपी की ओर से अपराधियों के खिलाफ सुराग देने वालों को 50 हजार ईनाम देने की भी घोषणा हुई थी। मगर, अभी ईनाम वाले मुद्दे पर पुलिस ने दोबारा से कोई घोषणा नहीं की है।

सड़क किनारे मोबाइल पर बात करने में अपराधियों ने मारी थी गोली
लालपुर सब्जी मंडी में काली मंदिर के सामने 7 जुलाई 2018 की देर शाम करीब 7.35 बजे शिक्षक शिव प्रसाद की स्कूटी सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या से पूर्व शिव अपनी गर्लफ्रेंड को घर छोड़ने के बाद मोबाइल पर भाई से बातचीत कर रहा था। मंदिर से पूर्व बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया तो सड़क किनारे खड़े होकर मोबाइल पर बातचीत करने में लग गया। इसी बीच पीछे से स्कूटी सवार दो युवक पहुंचे। इसके बाद शिव को गोली मारकर फरार हो गये। आनन-फानन में इलाज के लिए रिम्स ले गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।

ससुराल पक्ष, गर्लफें्रड समेत सैकड़ों लोगों से पुलिस कर चुकी है पूछताछ
शिक्षक शिव प्रसाद की हत्या के मामले में पुलिस ने सबसे पहले गर्लफें से पूरे मामले में पूछताछ की। इसके बाद पूर्व थानेदार रमोद कुमार सिंह ने ससुराल वालों से पूछताछ की। इसके बावजूद कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने शिव के करीबी लोगों से पूछताछ की है। जिसमें शिव के दर्जनों से ज्यादा गर्लफें्रड और अपने दोस्त थे। सैकड़ों लोगों से पूछताछ में पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा था। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हत्या का कारण क्या है। कई दिनों तक पूछताछ करने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला, तो पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

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