सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का स्वागत

पिछड़ों को भी मिले 27 प्रतिशत : आजसू पार्टी

रांची: आजसू पार्टी ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण पर कहा है कि यह प्रथम दृष्टया एक सही नियत, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला लगता है। अब इस निर्णय को संविधान और न्यायालय की परीक्षा में सफलता हासिल करनी होगी। पार्टी के उपाध्यक्ष मो. हसन अंसारी ने कहा कि सवर्णों के लिए आर्थिक पिछड़ापन का मानक, सालाना 8 लाख (66 हजार महीना) आय से कम अथवा 12.5 एकड़ से कम जमीन के मालिक तय किया गया। वैसे तो गरीबी रेखा 72 हज़ार सालाना आय मान्यता प्राप्त है।

यह दोहरी मानक को सरकार को स्पष्ट करना होगा। वैसे 8 लाख का मानक स्वागत योग्य है।इस विधेयक में जो मानक तय किया गया, उसमें झारखंड के 90 प्रतिशत से ज्यादा सवर्ण इसके अंतर्गत योग्यता प्राप्त कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यह 90 प्रतिशत लाभार्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण में सीमित कर दिया गया और जो सवर्णों में सुपर क्रीमी लेयर, यानी जो सामाजिक-आर्थिक रूप से सबसे सबल हैं, उनके लिए 40 प्रतिशत का जगह दे दिया गया। अबतक सरकार सुप्रीम कोर्ट के बहाने, प्रदेश के पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण से वंचित रखी थी।

आज के आदेश के बाद यह साबित हो गया कि सरकार चाहे तो पिछड़ा वर्ग आरक्षण में तुरंत सुधार कर सकती है। हमारी मांग है कि इस विषय में राज्य सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे और तत्काल राज्य में पिछड़े वर्ग के लिए मंडल आयोग द्वारा निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करे। इसी प्रकार अनुसूचित जाति के लिए 14 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के कोटा को बढ़ाकर 32 प्रतिशत किया जाये।

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