शहर को जाम से मुक्त करने की कवायद

खबर मन्त्र संवाददाता
रांची : राजधानी रांची में अब एंबुलेंस और वीआइपी वाहन ट्रैफिक जाम में नहीं फंसेंगे। नगर निगम क्षेत्र में स्थित 19 ट्रैफिक सिग्नल रिमोट कंट्रोल पैनल से लैस होंगे। नगर आयुक्त मनोज कुमार के आदेश के अनुसार 15 दिनों में शेष 17 ट्रैफिक सिग्नल में रिमोट कंट्रोल पैनल लगा दिए जाएंगे। जाम लगते ही ट्रैफिक बूथ प्रभारी रिमोट से रेड सिग्नल को ग्रीन कर रूट क्लीयर करेंगे। अभी विशेष परिस्थिति में एंबुलेंस को एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस मैन्युअल तरीके से ग्रीन कॉरीडोर बनाती है।

वायरलेस पर मैसेज : इस प्रकार की स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल रूम से वायरलेस पर मैसेज देकर सभी ट्रैफिक बूथों को अलर्ट किया जाता है। लेकिन अब ग्रीन कॉरीडोर बनाने के लिए सभी ट्रैफिक बूथों के प्रभारी रिमोट से सिग्नल बदलने का काम करेंगे। इसी प्रकार, वीआइपी वाहनों के आवागमन के दौरान निर्धारित रूट पर वाहनों का आवागमन कुछ देर के लिए बंद कर दिया जाता है। रिमोट कंट्रोल पैनल लगने के बाद संबंधित मार्ग के ट्रैफिक बूथ प्रभारी वीआइपी वाहनों के आवागमन के अनुसार रिमोट से रेड सिग्नल को ग्रीन कर पाएंगे।

तीन जगहों पर लगाए गए रिमोट कंट्रोल पैनल
पूर्व में डेमो के तौर पर सुजाता चौक, कमरटोली चौक और एजी मोड़ स्थित ट्रैफिक सिग्नल में रिमोट कंट्रोल पैनल लगाए जा चुके हैं। वाहन चालकों की सुविधा के लिए रेड सिग्नल के लिए रेड टाइमर व ग्रीन सिग्नल के लिए ग्रीन टाइमर भी लगाए गए थे। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो ग्रीन सिग्नल के समय रेड टाइमर देख कई वाहन चालक असमंजस की स्थिति में अपना वाहन रोक देते थे, जिसके कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी।

सिग्नल बदलना होगा आसान
अब शहरवासियों को ट्रैफिक जाम की स्थिति से भी राहत मिलेगी। ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होते ही संबंधित ट्रैफिक बूथ के प्रभारी यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए रिमोट से रेड व ग्रीन सिग्नल को आवश्यकतानुसार बदल पाएंगे।

एंबुलेंस व वीआइपी वाहनों के लिए अलग कॉरीडोर
रांची नगर निगम ने एंबुलेंस व वीआइपी वाहनों के मूवमेंट के लिए शहर के प्रमुख मार्गो पर एक कॉरीडोर बनाने की योजना भी तैयार की है। इस योजना पर लगभग 1.50 करोड़ खर्च होंगे। कॉरीडोर निर्माण के लिए प्लास्टिक के चेनयुक्त कोन का उपयोग किया जाएगा। सड़क के एक हिस्से को चेनयुक्त प्लास्टिक कोन से कॉरीडोर बनाया जाएगा। इस विशेष कॉरीडोर पर सिर्फ एंबुलेंस व वीआइपी वाहनों का ही आवागमन होगा। रांची नगर निगम ने इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए नगर विकास विभाग के पास फाइल भी भेज दी है। विभाग से स्वीकृति मलते ही कॉरीडोर निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।

फेल हुआ ई-चालान, लग रहा जाम
राजधानी में ई-चालान सिस्टम तो लागू कर दिया गया है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग के कारण जाम की समस्या से लोग परेशान हो रहे हैं। शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए पहली जनवरी से एक नई व्यवस्था की शुरुआत की गई। सीसीटीवी कैमरे से चौक-चौराहों पर सिग्नल के स्टॉप लाइन क्रॉस करते वाहनों की निगरानी की गई औ ई-चालान कटना शुरू हो गया। पहले दिन कैमरे ने 3,36,283 वाहनों के नंबर प्लेट रीड किए थे। जिसमें रेड लाइट वायलेशन मामले में 40665 वाहनों के नंबर कैमरे ने रीड किए। इनकी जाच की गई तो 444 वाहन रेड लाइट वायलेशन में सही पाए गए। यातायात को सुगम बनाने के लिए 51 करोड़ की लागत से पूरे शहर के 170 स्थानों में लगे सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत 16 स्थानों में रेट लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरा लगे हैं।

14 जगहों पर लगेंगे नए ट्रैफिक सिग्नल
पिस्का मोड़, कडरू-सहजानंद चौक, पुरूलिया-प्लाजा इंटरसेक्शन प्वाइंट, प्रेमसंस मोटर कांके, दुर्गा मंदिर चौक रातू रोड, मोरहाबादी-टैगोर हिल रोड, कश्मीर वस्त्रालय चौक, पहाड़ी मंदिर चौक, मुक्ति धाम चौक, रिम्स इंटर सेक्शन प्वाइंट, काली मंदिर-चर्च रोड, सिंह मोड़, बिग बाजार इंटर सेक्शन।

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