झारखंड विधानसभा सत्र 17 जनवरी से,  बजट 22 को

15 दिन का कार्य दिवस 

 

रांची: चतुर्थ झारखंड विधानसभा के  पांचवीं (बजट) सत्र की शुरूआत 17 जनवरी गुरुवार से होगी और आठ फरवरी शुक्रवार तक चलेगी। इस बीच कुल 15 दिन का सत्र (कार्यदिवस) होगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट 22 जनवरी को विधानसभा में पेश किया जायेगा। इस संबंध में कैबिनेट की प्रत्याशा में अधिसूचना जारी कर दी गयी है।

पहले दिन 17 जनवरी को सुबह 11.30 बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा। उसके बाद राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणीकृत प्रतियों को सभा पटल पर रखा जायेगा। अंत में शोक प्रकाश होगा। दूसरे दिन 18 जनवरी शुक्रवार को प्रश्नकाल, राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्र्रस्ताव एवं चर्चा होगी। वित्तीय वर्ष 2018-19 के तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी रखा जायेगा।

19 जनवरी शनिवार को प्रश्नकाल, फिर राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव एवं चर्चा, सरकार का उत्तर एवं मतदान। वित्तीय वर्ष 2018-19 के तृतीय अनुपूरक पर वाद-विवाद होगी। 21 जनवरी सोमवार को प्रश्नकाल, मुख्यमंत्री का प्रश्नकाल, तृतीय अनुपूरक पर चर्चा और विधेयक पारित करना। 22 जनवरी मंगलवार को प्रश्नकाल, 2019-20 के आय-व्यय को रखा जायेगा। 28 जनवरी सोमवार को प्रश्नकाल, मुख्यमंत्री का प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक पर वाद-विवाद।

29 जनवरी मंगलवार को प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक पर वाद-विवाद। 30 जनवरी बुधवार को प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक के अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर तथा मतदान। 31 जनवरी गुरुवार को प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक के अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर तथा मतदान। एक फरवरी शुक्रवार को प्रश्नकाल। वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक के अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर तथा मतदान। 4 फरवरी सोमवार को प्रश्नकाल।

मुख्यमंत्री का प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक के अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर तथा मतदान। 05 फरवरी मंगलवार को प्रश्नकाल। वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक के विनियोग विधेयक का उपस्थापन एवं पारण। 06 फरवरी बुधवार को प्रश्नकाल। राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य (यदि हों)। 07 फरवरी गुरुवार को प्रश्नकाल। राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य (यदि हों)। 08 फरवरी शुक्रवार को प्रश्नकाल। राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य (यदि हों)। गैर सरकारी सदस्यों के कार्य (गैर सरकारी संकल्प)।

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