खुले नाले में गिरकर मासुम फलक की मौत के बाद जागी सरकार

खतरनाक स्थलों को चिन्हित कर खामियां दूर की जायेंगी

रांची। खुले नाले में गिरकर मासूम फलक की मौत के छह दिन बाद सरकार जागी है। नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने इस घटना के अत्यंत दुखद बताया है। इस घटना के बाद विभागीय सचिव ने सभी शहरों में अवस्थित नाले, नदी एवं तालाबों का सिक्यूरिटी ऑडिट कराने का फैसला लिया और सभी खतरनाक स्थानों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित करने का निर्देश सभी नगर आयुक्त, निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी, विशेष पदाधिकारी को दिया है। सचिव ने कहा है कि ऐसे बड़े नाले, नदी एवं गहरे तालाब जहां पर बच्चे, बच्चियों एवं अन्य किसी भी व्यक्ति के गिरने से जान-माल को खतरा हो सकता है वैसे खतनाक स्थानों को चिन्हित करते हुए उसे सुरक्षित करने के लिए कार्रवाई करें। बता दें कि इस मामले में हाइकोर्ट्र में भी अब जनहित याचिका दायर की गयी है।

ये सुधार करने का निर्देश
बड़े खुले नाले जो खतरनाक उसे ढकने की कार्रवाई की जाये। सचिव ने कहा है कि यह बेहतर होगा कि बड़े नाले के निर्माण के समय ही उसे कवर ड्रेन के रूप में निर्माण किया जाये और प्रत्येक निश्चित लंबाई जिसमें 50 या 100 फीट के बीच साफ-सफाई के लिए मैनहोल बनाया जाये। मैनहोल को भी उपर से लोहे का सीट अथवा स्लेब से ढँकने की कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही साथ जहां पर मैनहोल बनाया जाता है उसके दोनों साइड कवर ड्रेन के साइड पर लोहे की जाली लगाने का निर्देश दिया है। तालाब के किनारे खतरनाक स्थल जहां पर सीढ़ी, ग्रिल, हॉज या बाउण्ड्रीवाल का निर्माण नहीं किया गया है वहां पर 2 या ढ़ाई फीट का लोहे का ग्रिल का निर्माण किया सकता है। या ग्रीन हेज भी लगाया जा सकता है।उसी प्रकार नदियों के किनारे खतरनाक स्थानों पर ग्रीन हेज आवश्यकतानुसार दो या ढाई फीट का ग्रिल लगाने को कहा है।

निकाय अपने राजस्व स्रोत या 14 वें वित्त आयोग के पैसे से काम करायेगा
उपरोक्त सारे कार्य विभाग के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही नागरिक सुविधा के तहत करने को कहा गया है। इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया विभागीय सचिव ने दिया है। नगर निगम को अपने राजस्व स्रोत या 14वें वित्त आयोग के पैसे से इसकाम को करने को कहा गया है।

ऑडिट रिपोर्ट भी सचिव ने जल्द मांगी
सचिव ने बड़े,नाले,नदी एवं तालाब का सिक्यूरिटी ऑडिट कराने को कहा है। सभी स्थानों को सुरिक्षत कर तत्काल पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश निकाय के पदाधिकारियों को दिया है।

24 जुलाई को हिंदपीढ़ी में एक नाले में गिर गयी थी फलक
24 जुलाई को रांची नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत हिंदपीढ़ी इलाके के नाला रोड में खुले नाले में पांच वर्ष बच्ची फलक गिर गयी थी। नाले में जलबहाव इतना तेज था कि बच्ची उसमें बह गयी और आठ किमी दूर नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी में उसकी बॉडी मिली थी। इस मामले में इलाके के लोग और शहर के तमाम नागरिक निगम की कार्यशैली को दोषी ठहरा रहे हैं। नगर विकास सीपी सिंह ने भी निरीक्षण किया था, जिसमें काफी हंगामा भी हुआ था। उनका कहना कि खुले नाली होने की वजह से बच्ची की मौत हुई। निगम ने कभी इस नाली को ढंकने का काम नहीं किया।

अब भी कई नाले खुले
मासूम फलक की मौत के बाद भी शहर की सरकार यानि नगर निगम एरिया क्षे कई खुले नाले देखे जा सकते हैं। ये काफी बड़े-बड़े हैं, जिस पर कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लाइन टैंक तालाब,हिंदीपीढ़ी खेत मुहल्ला, रातू रोड के कई इलाकों ंमें खुले नाले देखे जा सकते हैं। शहर के कई तालाब अब भी खुले हैं,जिसमें आये दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

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