नक्सली, गुंडे और माफियाओं की अवैध संपत्ति टैग की जाएगी

रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने कार्यकाल के 1000 दिन पूरा होने पर न्यूज एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार से खास बातचीत की। गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कार्यालय में एजेंसी से बेबाक बात करते हुए दास ने कहा कि ईडी से बात हो रही है। झारखंड के बड़े-बड़े नक्सली, गुंडें, माफियाओं की अवैध संपति का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही इनकी संपत्ति टैग की जाएगी।

भला इसी में है कि झारखंड में गुंडागर्दी करने वाले अब झारखंड छोड़ दें।मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक इस राज्य में स्थानीयता के नाम पर सिर्फ मतपेटी भरने और बेरोजगार नौजवानों को ठगने का काम चल रहा था। हमने शासन में आते ही स्थानीय नीति घोषित कर दी। इससे झारखंड के एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी मिल गई। अगले छह माह के अंदर 50 हजार युवाओं की भर्ती सरकार विभिन्न विभागों में करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में रह रहे अवैध घुसपैठियों पर सरकार की विशेष नजर है।

खासकर संथाल परगना क्षेत्र पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों की सरकार हिसाब-किताब लगा रही है। बंगलादेशी हो या कोई और, जो भी अवैध घुसपैठी के रूप में झारखंड में रह रहा है, उसे बाहर किया जाएगा। 22 सितम्बर को गृहमंत्री राजनाथ सिंह झारखंड आ रहे हैं। जिनसे इस मुद्दे पर उनसे विशेष बातचीत होगी।

मुख्यमंत्री ने पुलिस के जवानों की खूब तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डाल कर राज्य को नक्सल मुक्त करने के लिए रात दिन मेहनत की है। जिसका परिणाम है कि आज झारखंड में 50 प्रतिशत नक्सल समस्या कम हुई है। कुछ छोटी घटनाओं को छोड़ दें तो बीते 1000 दिनों में कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। घोर नक्सल प्रभावित इलाके सांरडा के गुदरी, जहां सिर्फ एक गांव में बिजली थी वहीं आज 78 गावों में बिजली पहुंच गई है। लातेहार का गारू, सरयू जहां जन अदालत लगते थे वहां अब कानून का राज स्थापित हुआ है। नक्सली झारखंड छोड़कर भाग रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म स्वतंत्र विधेयक कोई पहला विधेयक नहीं है। देश के अनेक राज्यों में इस तरह का बिल बहुत पहले लाया जा चुका हैं।

इनमें अधिकतर राज्य कांग्रेस शासित रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोभ, लालच, झुठ के आधार पर किसी को धर्मांतरण कराने की छूट नहीं दिया जा सकता। इस तरह के गलत काम में शामिल लोगों को खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी भ्रष्टाचार के लिए बदनाम झारखंड अब देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्य के श्रेणी में आ गया है। मोमेंटम झारखंड के बाद कम समय में 95 कंपनियों का काम जमीन पर शुरू हो गया। राज्य के लोगों को माइंडसेट बदला है।

यहां का आदिवासी समाज भी अब तेजी से विकास चाहता है। 14 सालों से अस्थिरता का दंश झेल रही झारखंड की जनता को शासन-प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि झारखंड को प्रर्यटन के क्षेत्र में विश्व के पटल पर लाने की कोशिश हो रही है। पारसनाथ, देवघर, राजरप्पा, मलूटी जैसे प्रसिद्ध स्थानों को विकसित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उजाले में रहने वाले लोग अंधेरा-अंधेरा चिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे आलोचना से नहीं घबराते है। आलोचना काम करने वाले की ही होती है। आलोचना से ही आदमी आगे बढ़ता है।

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