फिर शुरू हुआ जीटी रोड़ पर डिस्को पेपर (पेड) का खेल

बंगाल का अवैध कोयला खपाने का सबसे बड़ा केन्द्र बन गया हैं निरसा, गोविन्दपुर व गिरिडीह  

निरसा: बंगाल में ममता दीदी का भतीजा के इशारे पर फिर शुरू हो गया हैं बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन व कोयला चोरी। बतादे कि बंगाल का अवैध स्टीम (कच्चा कोयला) कोयला निरसा व गोविन्दपुर क्षेत्र के भट्ठों में डिस्को पेपर (पेड) के माध्यम से खपाया जा रहा है।

बताते चले कि बंगाल का अवैध कोयला खपाने का सबसे बड़ा केन्द्र निरसा, गोविन्दपुर, बरवाअड्डा और गिरिडीह बन गया है। साथ ही बंगाल से प्रतिदिन 70-80 ट्रक अवैध कोयला बनारस मंडी में मैथन व निरसा के रास्ते यूपी भेजा जा रहा है। बतादे कि बंगाल के मुख्यमंंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेंक के इशारे पर बंगाल में अवैध कोयला के कारोबार धड़ल्ले से शुरू किया गया है।

निरसा व गोविन्दपुर के भट्ठों में अवैध कोयला को ट्रको से लिया जा रहा है। बता दे कि लगभग प्राय: ट्रको पर ओभर लोड रहता है। सूत्रों के अनुसार ट्रको पर लगभग 35 टन लोड रहता है। और सभी ट्रको को तिरपाल से ढक दिया जाता है। बतादे कि जब से चिरकंुडा चेकपोस्ट बंद हुआ हैं तब से कोयला चोरो की चांदी हो गयी हैं। अब तो दिन हो या रात खुलेआम पुलिस से मिलकर बंगाल का अवैध कोयला झारखंड में खपाया जा रहा है।

बता दे कि बंगाल का अवैध कोयला का रेट प्रतिटन ढाई हजार रूपए है। 1400 रूपए प्रतिटन पेड (डिस्को पेपर) का लगता है। इसमें रंगदार, विधायक, नेता, पत्रकार व पुलिस को मैनेज किया जाता है। बंगाल का अवैध कोयला झारखंड में प्रवेश करने पर मध्यस्थता कराने वाला को प्रतिटन 500 रूपए मिलता है। इस खेल में थाना, वरीय पुलिस अधिकारियों, आरटीओ को भी मैनेज किया गया है।

सुत्रों ने बताया कि इस खेल में बंगाल के मुख्यमंत्री ममता दीदी का भतीजा जो अभी सांसद है। उसकी के इशारे पर अवैध कोयले का कारोबार किया जा रहा है। भतीजे के दोस्त लाला नामक व्यक्ति जो सरबड़ी पुरूलिया जिले का रहने वाला है। वह बंगाल में चल रहे कोयला का सरगना है। लाला के अलावा एक सिडिकेट बनाया गया हैं जिसमें झारखंड के धनबाद जिले का राय, जयदेव मंडल, गुरूपदो माझी, मेजु खान, जयदेव खंा, अनारूल हक, जगदीश तिवारी, अल्लाह राखा, बिरेन्द्र सिंह, जोगिन्द्र राय, राय व निरसा का एक जनप्रतिधि और भाजपा का एक नेता का रिश्तेदार शामिल है।

बतादे कि बंगााल का जयदेव मंडल कोयला माफियाओं का सबसे पुराना मास्टर माइंड है। जयदेव के ही इशारे पर बंगाल व झारखंड के मैथन व निरसा की पुलिस नाचती है। ‘खादी’ और ‘खाकी’ के बेजोड़ मेल से डंके की चोट पर शुरू हुए इस गोरखधंधे के कारण करोड़ों रूपये की कोल संपदा की लूट हो रही है। बतादे कि एसओजी टीम भी कोयला चोरी रोकने में अक्षम साबित हो रही है।

अवैध कोयले के कारोबार को लेकर पुलिस के वरीय अधिकारियों से लेकर सिपाही तक को औकात के अनुसार सेंटिंग किया गया है। भाजपा की सरकार में माफिया और कोयला चोरो की बल्ले-बल्ले हो गयी है। कोयले की काली कमाई में अच्छे-अच्छे को धृतराष्ट बना दिया है।

निरसा के तस्करों का सिंडिंकेट ने कोयला चोरी के लिए नई रणनीति बनाई है। सबकुछ सुनियोजित ढग से किया गया है। तय है, कहां क्या करना है। किसे, क्या देना है। थाने व वरीय अधिकारियों को कौन मैनेज करेगा। यह सब तय किया गया है।

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