बिहार- नीतिश-तेजस्वी की तानतनी के बीच, नीतिश ने जीता विश्वास मत

नीतीश ने कांग्रेस पर किया हमला, कहा दूंगा हर सवाल का जबाव

पटना: बिहार की राजनीति में पिछले 36 घंटों में बहुत बदल गया हैं महागठबंधन की सरकार की जगह अब नमो-नीतिश की सरकार बिहार की सत्ता में विराजमान हो चुकी है। गुरुवार को दुबारा से शपथ लेने के बाद शुक्रवार को बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुमत हासिल कर लिया है,विश्वास मत में नीतीश के पक्ष में 131 वोट पड़े, वहीं 108 वोट मिले।

विश्वास मत से पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश पर जमकर हमला बोला, हमलों का जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि ये कांग्रेस के लोग हैं अहंकार में जीने वाले लोग हैं,नीतीश ने कहा कि मैंने जो भी किया है बिहार के हित में किया है,कहा जा रहा है कि शुक्रवार को ही मंत्रिमंडल का ऐलान हो सकता है।इसमें जदूय और भाजपा के साथ जीतनराम मांझी को जगह मिल सकती है।

इसके पहले नीतीश ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 15 से ज्यादा सीटें कांग्रेस को नहीं मिलने वाली थी लेकिन हमने महागठबंधन में 40 सीटों पर चुनाव लड़वाया,जिसके कारण कांग्रेस को आज 27 सीटे मिल चुकी है। नीतिश कुमार ने कहा कि समय आने पर सभी सवालों का जबाव दूंगा। शुक्रवार को विश्वास मत से पहले राजद विधायक लगातार हंगामा कर रहे हैं,राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया।

बिहार विधानसभा में कार्यवाही के दौरान मचे हंगामा के बीच नीतीश कुमार ने विश्वासमत का प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा के भीतर अपनी बात रखते हुए तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के खिलाफ हमालावर रवैये में दिखाई दिए। नीतीश कुमार पर जोरदार हमला करते हुए उन्होंने कहा, अगर नीतीश कुमार में हिम्मत थी तो वे मुझे बर्खास्त करते। वे मेरे आत्मविश्वास से डर गए हैं। इससे पहले उन्होंने नीतीश कुमार को बॉस कहकर संबोधित भी किया।

तेजस्वी यादव ने पूछा, कौन सी विचारधारा, कौन सी नैतिकता, दुनिया जानना चाहती है। छवि की बात है तो पूरा देश जानता है कि नीतीश जी का कितना आधार है। तेजस्वी ने साफ कहा कि मुझे कभी भी नीतीश ने इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा। वे पहले से ही बीजेपी के साथ सेटिंग कर रहे थे। विधानसभा के अंदर दोनों पक्षों के बीच बहस जारी है। इधर,विधानसभा के बाहर राजद के विधायक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छपरा में भी राजद कार्यकर्ता सड़क जाम पर उतर आए हैं।

इससे पहले बुधवार को महागठबंधन से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को नीतीश कुमार ने छठी बार बतौर बिहार के सीएम पद की शपथ ली। उनके अलावा बीजेपी नेता सुशील मोदी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस समारोह में केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन भी शामिल हुए। मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के बेहद संक्षिप्त राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र के लिए दो एजेंडा तय किए गए हैं। पहला एजेंडा पूर्ववर्ती महागठबंधन सरकार के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक दोनों सदनों का पांच दिवसीय मानसून सत्र बुलाने के फैसले को रद्द करना है।

वहीं, राजद ने कांग्रेस के 27, माकपा-एमएल के दो विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है। राजद नेताओं ने यह भी दावा किया कि भाजपा के खिलाफ 2015 बिहार विधानसभा चुनाव जीतने वाले कई जदयू विधायक कल होने वाले विश्वास मत के दौरान उनके पाले में आ सकते हैं। शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि उनका निर्णय बिहार के विकास और बिहार के लोगों के हित के लिए लिया गया है। उन्होंने विपक्षी दलों की ओर से हो रही आलोचना के विषय में कहा कि समय आने पर सभी को जवाब दूंगा। वहीं डिप्टी सीएम सुशील मोदी बोले कि विकास हमारी प्राथमिकता है, बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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