हमने अहम क्षणों में घबराकर खिताब गंवाया: मिताली

लंदन: इतिहास बनाने से बस चंद कदम दूर रह गयी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने माना है कि इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खिलाड़ी आखिरी क्षणों में काफी घबरा गयी थीं और इस दबाव का ही नतीजा है कि खिताब उनके हाथों से निकल गया।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को संपन्न हुये आईसीसी महिला विश्वकप टूर्नामेंट में कमाल का खेल दिखाते हुये फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मैच में अच्छी गेंदबाजी और संतुलित बल्लेबाजी के बावजूद आखिरी कुछ क्षणों में उसकी गलतियों से वह मात्र नौ रन से पहली बार खिताब जीतने का मौका गंवा बैठी।

भारत ने इससे पहले मात्र एक बार वर्ष 2005 में महिला विश्वकप फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन तब उसे आस्ट्रेलिया ने हरा दिया। मैच के बाद मिताली ने कहा”मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हमारे लिये यह मैच आसान नहीं था लेकिन इंग्लैंड को इस जीत का श्रेय जाता है जिन्होंने आखिरी समय तक खुद को बांधे रखा। एक समय मैच में ऐसा था जब हम संतुलित स्थिति में थे लेकिन फिर हम घबरा गये और इसी से हम मैच हार गये।”

35 वर्षीय मिताली ने कहा” मुझे अपनी खिलाड़यिों पर गर्व है। उन्होंने किसी भी टीम को आसानी से मैच नहीं जीतने दिया। हमने टूर्नामेंट में बहुत अच्छा खेल दिखाया। टीम की हर युवा खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

विश्वकप में बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली और वनडे में दुनिया की सर्वाधिक स्कोरर कप्तान ने भविष्य के बारे में पूछने पर कहा कि वह अभी कुछ वर्ष और खेलेंगी लेकिन उन्होंने साफ किया कि वह निश्चित ही अगले विश्वकप का हिस्सा नहीं होंगी। टीम की अनुभवी खिलाड़यिों कप्तान मिताली और 34 वर्षीय गेंदबाज झूलन गोस्वामी के लिये यह आखिरी विश्वकप था जिसमें टीम जीत से बेहद करीब आकर चूक गयी।

इंग्लैंड को 228 के स्कोर पर नियंत्रित करने का श्रेय मिताली ने गेंदबाज झूलन को दिया। उन्होंने कहा” झूलन अनुभवी गेंदबाज हैं और जब भी टीम को उनकी जरूरत होती है वह उम्मीदों पर खरी उतरती हैं। यदि हम जीतते तो उनका प्रदर्शन मैच विजेता होता।” झूलन ने इंग्लैंड की पारी में 10 ओवरों में मात्र 23 रन देकर सर्वाधिक तीन विकेट निकाले थे।

मिताली ने लार्ड्स में पहुंचे भारतीय समर्थकों और स्वदेश में उनके लिये दुआ कर रहे प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा” मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं जो महिला क्रिकेट फाइनल देखने के लिये यहां पहुंचे। हम महिला क्रिकेटरों के लिये यह बहुत बड़ा समर्थन है। मुझे यकीन है कि यह अनुभव हम सभी को भविष्य में मदद करेगा और महिला क्रिकेट के लिये भी भारत में अब लोगों का नज़रिया बदलेगा।

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