चैंपियंस ट्रॉफी: अभ्यास मैच में अश्विन की फिटनेस पर रहेंगी निगाहें

भारत और न्यूजीलैंड खेलेगी अभ्यास मैच, भारत की निगाहें आश्विन पर टिकी

लंदन: विराट कोहली की अगुवाई में खिताब बचाने के लिये चैंपियंस ट्राफी में उतरने जा रही भारतीय क्रिकेट टीम रविवार को अपने पहले अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड का सामना करेगी जहां सभी की निगाहें लंबा आराम करने के बाद लौट रहे ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की फिटनेस पर रहेंगी।

भारतीय क्रिकेट टीम के अधिकतर खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग के 10वें संस्करण में खेलकर लंदन दौरे पर पहुंचे हैं जहां उनका लक्ष्य अपने खिताब का बचाव करना है। हालांकि विदेशी जमीन पर हमेशा तुरूप का पत्ता साबित होने वाले अनुभवी ऑफ स्पिनर अश्विन करीब डेढ़ महीने के लंबे विश्राम के बाद पूरी तरह तरो ताज़ा होकर टीम के साथ यहां पहुंचे हैं और उनकी फिटनेस को आंकने के लिहाज से यह अभ्यास मैच अहम साबित होगा।

अश्विन ने टीम के घरेलू लंबे और थकाऊ टेस्ट सत्र में सभी 13 मैचों में निरंतर खेला है और वह इस दौरान सबसे सफल गेंदबाज भी साबित हुये थे। हालांकि लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने भी घरेलू टेस्ट सत्र में कमाल का खेल दिखाया था और विशेषज्ञ स्पिनरों में उन्हें भी तरजीह मिल सकती है। वैसे चेन्नई के गेंदबाज ने ब्रिटेन दौरे से पहले कहा था कि इस बार वह अलग तरकीब के साथ खेलेंगे तो उनकी नयी रणनीति पर भी नज़र रहेगी।

इसके अलावा टीम के खिलाड़यिों के लिये आईपीएल के ट्वंटी 20 प्रारूप के बाद खुद को 50 ओवर के खेल के लिये तैयार करने के लिहाज से और ब्रिटेन की परिस्थितियों में खुद को ढालने के लिये भी न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच अहम साबित होगा। अभ्यास मैच होने की वजह से भारतीय टीम के सभी 15 खिलाड़यिों को भी इसमें खेलने का मौका मिल सकता है जो तैयारी के लिहाज से जरूरी होगा।

भारत ने इसी वर्ष घरेलू जमीन पर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली थी और इसमें उसने 3-2 से जीत दर्ज की थी। लेकिन यह मानना होगा कि इस सीरीज में कीवी टीम ने मेजबान टीम को कड़ी टक्कर दी थी। इस पांच मैचों की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टॉम लाथम ने 61 के औसत से सर्वाधिक 244 रन बनाये थे जबकि केन विलियम्सन, रॉस टेलर ,मार्टिन गुप्तिल भी अहम बल्लेबाज साबित हुये थे। वहीं गेंदबाजों में टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट सबसे सफल रहे थे।

भारतीय टीम की बात करें तो सीरीज में कप्तान विराट कोहली सबसे सफल रहे थे। विराट ने कीवी टीम के खिलाफ 119.33 के औसत से सर्वाधिक 358 रन बनाये थे जिसमें दो अर्धशतक और एक अर्धशतक शामिल है। उनके अलावा महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और अजिंक्या रहाणे कीवी टीम के सामने सफल रहे थे। हालांकि कप्तान विराट पर एक बार फिर टीम को सबसे अधिक भरोसा है कि वह अपने इस प्रदर्शन को दोहरायें।

विराट के लिये अपनी फार्म को साबित करना भी फिलहाल अहम होगा और उनकी फार्म भी जरूर निगाहों में रहेगी क्योंकि आईपीएल के इस सत्र में विराट बल्ले से बहुत सफल नहीं रहे थे और उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू प्लेऑफ की दौड़ से सबसे पहले बाहर हो गयी थी। इसके अलावा गत चैंपियन टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का प्रदर्शन भी टीम प्रबंधन की नज़रों में रहेगा जिन्होंने वर्ष 2015 में विश्वकप सेमीफाइनल के बाद से एकदिवसीय क्रिकेट ही नहीं खेला है।

शमी में गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है और विदेशी मैदान पर उनकी अहमियत है। युवा गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह भी गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा हैं। उनके साथ तीसरी बार चैंपियन बनी मुंबई इंडियन्स के स्टार ऑलराउंडर और कप्तान विराट की नज़रों में अच्छी छवि बनाने वाले हार्दिक पांड्या भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के लिये कोशिश करेंगे। पांड्या ने इस बार आईपीएल में गेंद और बल्ले दोनों से प्रभावित किया है।

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