यूसुफ पर लगा डोपिंग निलंबन 14 जनवरी को खत्म होगा

मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने डोपिंग उल्लंघन के मामले पर भारत के हरफनमौला क्रिकेट खिलाड़ी यूसुफ पठान को पांच माह के लिए निलम्बित किया गया था और यह निलंबन 14 जनवरी को समाप्त हो रहा है। बीसीसीआई ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए इसकी जानकारी दी।
बीसीसीआई ने कहा कि पठान पर लगा पांच माह का निलंबन 15 अगस्त से लागू हुआ, जो 14 जनवरी को समाप्त हो जाएगा।

पठान को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के लिए निलंबित किया गया है। यह पदार्थ आमतौर पर कफ सिरप (खांसी की दवा) में पाया जाता है। बीसीसीआई के बयान के अनुसार, पठान ने बीसीसाई के डोपिंग रोधी टेस्ट कार्यक्रम के दौरान 16 मार्च, 2017 को नई दिल्ली में घरेलू टी-20 मैच के तहत यूरिन सेंपल दिया था। उनके इस सेंपल की जांच की गई और इसमें प्रतिबंधित पदार्थ ‘टर्ब्यूटेलिन’ की मात्रा पाई गई।

‘टर्ब्यूटेलिन’ एक ऐसा पदार्थ है, जो विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल है। इस मामले में पठान पर 27 अक्टूबर, 2017 को बीसीसीआई विरोधी डोपिंग नियम (एडीआर) अनुच्छेद 2.1 के तहत एक डोपिंग विरोधी नियम उल्लंघन (एडीआरवी) का आरोप लगाया गया था और अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था।

पठान ने डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन की बात स्वीकार की और कहा कि उन्हें जो दवाई लिखी गई थी, उसके अलावा उन्हें कोई और दवाई दी गई, जिसमें ‘टर्ब्यूटेलिन’ की मात्रा शामिल थी। पठान ने हालांकि कहा कि उन्होंने जानबूझकर इस दवा का सेवन नहीं किया है और इसके सेवन का मकसद सिर्फ गले में जारी संक्रमण से छुटकारा पाना था, न कि अपने प्रदर्शन को सुधारना था।

बीसीसीआई ने पठान के स्पष्टीकरण को माना और इस बात को समझा कि अपर रेस्पाइरेटरी ट्रेक्ट इन्फेक्शन (यूआरटीआई) के इलाज के लिए उन्हें गलती से ‘टर्ब्यूटेलिन’ दिया गया। बोर्ड ने अपने बयान में कहा, ”सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए और विशेषज्ञों के सुझावों को सुनते हुए बीसीसीआई पठान के स्पष्टीकरण को स्वीकार करती है और उन पर पांच माह के निलंबन को लागू करती है।” इस बात को मानते हुए बीसीसीआई ने पठान पर पांच माह का निलंबन लगाया है और निलंबन के लागू होने के दौरान घरेलू सत्र में खेले गए उनके मैचों के परिणामों को भी रद्द किया जा रहे हैं।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.