देश के जाने-माने न्‍यूरोलॉजिस्‍ट डॉ केके सिन्‍हा का हुआ निधन

रांची: डॉ केके सिन्हा के निधन पर चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि डॉ सिन्हा के साथ न्यूरोलॉजी का एक अध्याय समाप्त हो गया। अपने सहयोगियों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे रिम्स निदेशक ने कहा कि न्यूरोलॉजी को झारखंड में खड़ा करने वाले स्तंभ थे। जिनका नाम भारत में ही नहीं पूरे विश्व में था। वे अब हमारे बीच नहीं हैं, उनकी कमी हमेशा खलेगी। डॉ संजय, उपाधीक्षक, रिम्स ने कहा कि झारखंड में न्यूरोलॉजी को पहचान दिलाने वाले डॉ सिन्हा का जाना दुखद है। उम्मीद है कि डॉ केके सिन्हा के विरासत को उनके छात्र आगे ले जायेंगे। डॉ अनिल, एचओडी, न्यूरोविभाग रिम्स ने कहा कि रिम्स में न्यूरोलॉजी को अपने पैरों पर खड़ा करने वाले डॉ केके सिन्हा अब हमारे बीच नहीं हैं। मुझे यह विश्वास नहीं हो रहा है। उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि आज रिम्स में न्यूरोलॉजी विभाग काम कर रहा है।

विशेष परिचय:

डॉ सिन्हा से ट्रीटमेंट कराने के लिए झारखंड ही नहीं, यूपी, बिहार तथा देश के हर कोने से मरीज की कतार रहती थी । भीड़ इतनी कि जिन्हें उनका नंबर मिल जाए, वह खुद को खुशनसीब समझता था। झारखंड के मेडिकल प्रोफेशन में सूरज की तरह चमकनेवाले वह डॉक्टर कोई और नहीं बल्कि डॉ कृष्णकांत सिन्हा थे, जिन्हें केके सिन्हा के नाम से बच्चा-बच्चा जानता था। वह पेशे से तो न्यूरो फिजिशियन थे पर उनके पसेंट्स उन्हें हर मर्ज की दवा मानते थे। लोकप्रियता ऐसी कि रांची के लोग उनके नाम से डॉ केके सिन्हा मोड़ भी कहते हैं। नसेसाल की शुरुआत में डॉ केके सिन्हा नई उम्मीदों के साथ नया सीखने और नया करने की चाहत रखते थे।

न्‍यूरोलॉजी के मास्‍टर कहे जाने वाले केके सिन्‍हा को कई जटिल बीमारियों के सफल इलाज के लिए जाना जाता है। डॉ केके सिन्हा ने वर्ष 1948 में बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई  की थी।दरभंगा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद वे इंग्लैंड चले गए थे। इंग्लैंड में उन्होंने न्यूरोलॉजी में एमडी और एफआरसीपी की डिग्री हासिल की। जिसके बाद वर्ष 1962 में उन्होंने रांची के रिम्स से प्रैक्टिस की शुरुआत की थी। वर्ष 1976 से उन्होंने घर पर ही मरीजों को देखना शुरू किया था।

झारखंड मेें शोक :

डॉक्टर सिन्हा के निधन की खबर से सारा झारखंड शोक मेें डूब गया है। उनके घर पर शहर के कई गण्यमान्य व्यक्ति पहुंच चुके हैं। परिजनों ने बताया कि शनिवार को डॉ केके सिन्‍हा का अंतिम संस्कार होगा। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने डाॅ केके सिन्हा के निधन पर शोक जताया है। उन्‍होंने डाॅ सिन्‍हा के निध्‍न को अपूरणीय क्षति बताया है।

प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ केके सिन्हा के निधन के बाद उनके बारियातू स्थित आवास में उनके अंतिम दर्शन को शहर के गणमान्य लोग व प्रसिद्ध डॉक्टर पहुंचे । दर्शन करने आने वालो में डॉ अजय कुमार, डॉ अंचल, मेडिका के न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ काजल, डॉ मजीद आलम, कांके विधायक जीतू चरण राम समेत दर्जनों डॉक्टर व गणमान्य लोग शामिल हैं।

 

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