महाराष्ट्र में सरकार गठन की कोशिशें जारी, उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से की मुलाकात

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में राज्यपाल की सिफारिश पर मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। ये फैसला राज्यपाल द्वारा केंद्र को भेजी उस रिपोर्ट के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने 24 अक्टूबर को आए विधानसभा चुनावों नतीजों के 24 दिन बाद भी शनिवार से उनके द्वारा सरकार गठन के लिए आमंत्रित तीनों पार्टियों में से किसी के भी सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल का दावा पेश नहीं कर पाने की रिपोर्ट के बाद लिया गया। राज्यपाल ने ये रिपोर्ट तब भेजी जब एनसीपी ने मंगलवार को उसको मिली रात 8.30 बजे की डेडलाइन से पहले ही सुबह 11 बजे उनसे बात करते हुए सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए और समय मांगा।

विपक्षी दलों ने गवर्नर के इस फैसले की आलोचना की और शिवसेना तो राज्यपाल द्वारा सरकार गठन के लिए उसे अतिरिक्त समय न दिए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गई। हालांकि राष्ट्रपति शासन लगने के बावजूद सरकार गठन के लिए पार्टियों के बीच चर्चा थमी नहीं और एनसीपी और कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन देने को लेकर अपनी बातचीत जारी रखी। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और उचित समय आने पर फैसला लिया जाएगा। ठाकरे ने एक होटल में महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अशोक चह्वाण, माणिकराव ठाकरे और बालासाहेब थोराट से मुलाकात के बाद यह कहा। कांग्रेस के साथ ठाकरे की बैठक करीब एक घंटे तक चली।

ठाकरे ने कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के बाद होटल से बाहर आने पर पत्रकारों से कहा, ‘सब कुछ ठीक चल रहा है। बातचीत सही दिशा में चल रही है और उचित समय आने पर फैसले की घोषणा की जाएगी।’ ठाकरे के साथ आए शिवसेना के लोकसभा सदस्य विनायक राउत ने कहा कि वरिष्ठ नेता फैसले के बारे में उचित सूचना देंगे। शिवसेना अध्यक्ष के करीबी सहायक विनायक राउत और मिलिंद नार्वेकर, ठाकरे के होटल से रवाना होने के बाद भी कांग्रेस नेताओं के साथ थे। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भाजपा ने मुंबई में तीन दिन की बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में महाराष्ट्र भाजपा के सभी विधायक शामिल होंगे। बैठक के दौरान राज्य के हालात, मध्यावधि चुनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

अजीत पवार ने कहा कि हम गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा करने के बाद ही शिवसेना को समर्थन करने पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि शिवसेना का घोषणापत्र हमसे अलग था, इसलिए हम पहले कांग्रेस के साथ साझेदारी और समझ स्थापित करेंगे। उसके बाद ही उनसे शिवसेना पर चर्चा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे नेता जयंत पाटिल पार्टियों के बीच आगे की चर्चा के लिए महाराष्ट्र के कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहब थोराट को बुलाएंगे और उन तारीखों पर चर्चा करेंगे, जब हम सरकार गठन को लेकर आगे बढ़ने के बारे में संयुक्त चर्चा कर सकते हैं। पवार ने कहा कि आज बैठक में हमारे सभी विधायकों ने कहा कि महाराष्ट्र में जल्द से जल्द सरकार बन जानी चाहिए। मुझे जहां तक लगता है कि नए साल के पहले तक महाराष्ट्र को नई सरकार मिलनी चाहिए।

कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर बातचीत के लिए महाराष्ट्र के नेताओं की एक समिति बनाई है। कमेटी में अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, मणिकराव ठाकरे, बालासाहेब थोरात और विजय वडेट्टीवार शामिल हैं। शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल से निकलते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का अलगा मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा। शिवसेना के बीमार चल रहे नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र में हाल तक अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार गठन के उनकी पार्टी के प्रयासों के मद्देनजर मुश्किल राह का संकेत देते हुए बुधवार को तीन बार ‘अग्निपथ’ शब्द ट्वीट किया।

राउत ने मंगलवार को कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता की पंक्तियों के हवाले से कामयाब होने और हार न मानने के अपने पार्टी के संकल्प को दोहराया था। बहरहाल, उन्होंने बुधवार को ट्वीट किया, ‘अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ…।’ महाराष्ट्र में जारी सत्ता संघर्ष सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने से पहले ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया। राज्यपाल की सिफारिश को मंगलवार शाम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति शासन को मंजूरी दी।

महाराष्ट्र में जैसे ही राष्ट्रपति शासन लगा तो शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर दी। शिवसेना ने दायर अपील में राज्यपाल के द्वारा अधिक समय ना दिए जाने का हवाला दिया गया है। हालांकि शिवसेना ने राष्ट्रपति शासन लगाने के खिलाफ दूसरी याचिका दायर नहीं की है।कांग्रेस के नवनिर्वाचित 44 विधायक आज जयपुर से मुंबई रवाना होंगे। कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त के डर से अपने विधायकों को पिछले पांच दिनों से जयपुर के एक रिसोर्ट में ठहराया हुआ था।

राज्य में बदलते सियासी हालात पर चर्चा करने के लिए मंगलवार रात को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। यह मुलाकात करीब आधे घंटे तक जारी रही। इसके अलावा मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार, एनसीपी ने कहा कि स्थायी सरकार के लिए कांग्रेस को सरकार का हिस्सा बनना चाहिए। जबकि कांग्रेस आगामी शिवसेना-एनसीपी की सरकार को बाहर से समर्थन देने के मूड में है।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.