किसानों की सहमति के बगैर जमीन नहीं ली जाएगी : राहुल गांधी

जगदलपुर (छत्तीसगढ़): कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस अगर किसी की जमीन लेगी तो किसानों से पूछकर लेगी। उनकी सहमति के बगैर नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि कानून अमीरों के लिए नहीं बनता। कानून सभी के लिए बराबर है।  छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम धुरागांव में आयोजित कृषक अधिकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ”कोई भी उद्योग या संयंत्र के लिए किसी का जमीन लेता है तो पांच साल के अंदर उस जमीन पर उद्योग स्थापित करना होता है। ऐसा नहीं करने पर जमीन किसानों को वापस करना पड़ता है।” राहुल गांधी ने कहा, ”कांग्रेस ने आदिवासियों को जमीन वापस करके बस्तर के लिए ऐतिहासिक काम किया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर हक आपका है। उसका फायदा आपको मिलना चाहिए। कांग्रेस सरकार आप से किए हुए सभी वादे एक-एक करके पूरा कर रही है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को अब 4 हजार रुपये मिल रहे हैं। भाजपा शासन में सिर्फ  2500 रुपये मिलते थे।”

राहुल गांधी ने रमन सरकार पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन कहती थी कि किसानों को देने के लिए पैसे नहीं हैं। भाजपा, आरएसएस और रमन सिंह के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी। वे आप लोगों का पैसा अपनी जेब या फिर उन 15 अपने शुभचिंतकों की जेब में डाल रहे थे।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”मोदी ने चोरों का कर्ज माफ किया। चौकीदार ने बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया तो कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ किया। हमने कर्ज माफी के लिए 10 दिन का समय मांगा था लेकिन प्रदेश सरकार ने मात्र 6 घंटे में ही कर्ज माफ कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने तो किसानों को सिर्फ 17 रुपये दिए और भाजपा के लोग सदन में ताली बजाने लगे। मोदी ने आप लोगों का पैसा छीना और अपने 15 चहेते लोगों को बांट दिया।”  राहुल ने टाटा संयंत्र के किसानों को भू-अधिकार पत्र, किसानों को ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र, वन अधिकार पप्तों का वितरण किया। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से कोण्डागांव में लगाए जाने वाले फुडपार्क का शिलान्यास भी किया।

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