आजम के आपत्तिजनक बयान पर सदन एकजुट, कड़ी कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली: लोकसभा सदस्यों ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां की भाजपा सांसद रमा देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा की। सदस्यों ने सर्वसम्मति से आजम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया है। गुरुवार को मुस्लिम महिलाओं (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2019 पर चर्चा में भाग लेते हुए आजम खां ने उस समय सदन की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी पर एक अभद्र टिप्पणी की थी। उस टिप्पणी पर सत्तापक्ष की ओर से आपत्ति उठाई गई। बिहार में शिवहर की सांसद रमा देवी ने लैंगिक (सेक्सिस्ट) टिप्पणी पर खुद आपत्ति जताई और इसे संसद के रिकॉर्ड से बाहर करने का आदेश दिया।

शुक्रवार को शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने कहा, ”गुरुवार को सदन में जो हुआ वह अभद्र था। आजम खां को सदन में आकर माफी मांगनी होगी।” महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्होंने अपने सात साल के विधायी करियर में ऐसी टिप्पणियां कभी नहीं सुनीं। उन्होंने कहा, ”मुद्दा महिलाओं के बारे में नहीं है। पूरे सदन का अपमान किया गया है। केवल महिला की समस्या कहकर इसे कम नहीं किया जाना चाहिए। यह पुरुषों सहित सभी विधायकों पर एक धब्बा है।” ईरानी ने कहा कि संसद ने पहले ही कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ कानून पारित कर दिया था और जोर देकर कहा था, ”हम मूकदर्शक नहीं बन सकते।” उन्होंने पार्टियों से अपने राजनीतिक मतभेदों को छोड़ने और एकमत संदेश देने की अपील की कि एक महिला के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ”अगर इस सदन के बाहर किसी महिला के साथ ऐसा दुर्व्यवहार होता है तो उसे पुलिस की मदद मिलेगी। सांसद (आजम खान) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके इस सदन से बाहर एक संदेश देना चाहिए कि संसद के विशेषाधिकार का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है।” इसी के साथ केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि हालांकि खान की टिप्पणियों को हटा दिया गया था, मगर टीवी चैनलों ने उन्हें दिखाया और पूरे देश ने इसे देखा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह भी मांग की कि उत्तर प्रदेश के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के सांसद खान को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए या सदन से निलंबित किया जाना चाहिए।

बीजद सदस्य भतृर्हरि महताब ने खान की टिप्पणी को अनुचित बताया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जबकि कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे को सदन की नैतिकता या विशेषाधिकार समिति के लिए भेजा जाना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), जनता दल-युनाइटेड (जद-यू) के सांसदों ने भी खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आह्वान का समर्थन किया।

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