बिहार में की गलती, कार्रवाई झारखंड में

झाप्रसे अफसर की तीन वेतन वृद्धि संचायात्मक प्रभाव से रोकने का आदेश

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रांची: झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी व अपर समाहर्ता नक्सल रांची पूनम कुमारी झा को कड़ा दंड मिला है। बिहार के किशनगंज जिला के ठाकुरगंज व पोठिया अंचल में सीओ के पद के पदस्थापन के कार्यकाल में की गयी गड़बड़ियों की वजह से उनके ऊपर कार्रवाई की गयी है।

उनके ऊपर आरोप था कि उन्होंने व्यक्ति विशेष के फायदे के लिए आठ संपन्न परिवार के सदस्य के बीच पांच एकड़ सरकारी जमीन चाय की खेती के लिए अस्थायी लीज बंदोबस्ती की अनुशंसा की। जबकि उक्त जमीन को औद्योगिक कार्य के लिए उपयोग करना था। पूरे कार्य को राजस्व विभाग के नियमों के प्रतिकुल मानते हुए बिहार सरकार ने कार्रवाई की अनुशंसा की थी और कार्मिक विभाग बिहार ने प्रपत्र क गठित कर झारखंड सरकार को अनुशंसा की थी। आरोप यह भी था कि परिपत्रों की गलत व्याख्या कर चाय की खेती के लिए दी है।

झारखंड सरकार ने 2011 में तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त रांची सत्येंद्र सिंह को जांच संचालन पदाधिकारी बनाया था। जिसमें चार आरोप प्रमाणित पाये गये। मामले की जांच के बाद झाप्रसे अफसर से स्पष्टीकरण पूछा गया। उन्होंने कहा कि वे सारे कार्य नियम अनुकुल किये हैं और सिर्फ ऊपर के अधिकारियों के निर्देश का पालन कर रही थी। हालांकि जवाब में कोई खास तथ्य प्राप्त नहीं होने की वजह से उनका तीन वेतन वृद्धि संचायात्मक प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।

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