पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना, 3 तलाक पर कोर्ट का फैसला हमारी धार्मिक भावनाओं पर चोट

भोपाल: विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक पर दिए गए फैसले पर चर्चा के लिए राजधानी भोपाल में रविवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें देर रात तक हुए विचार-मंथन के बाद बोर्ड ने तीन तलाक को शर्मनाक और गुनाह बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला हमारी धार्मिक भावनाओं पर चोट है| इसलिए यह हमें मंजूर नहीं है। इस मामले में बोर्ड ने 10 सदस्यों की कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है, जो सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करेगी।

इसी मामले को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड ने सोमवार को महिलाओं का सम्मेलन बुलाया है। उल्लेखनीय है कि विगत 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए उस पर बैन लगा दिया था। इसके बाद पर्सनल लॉ बोर्ड ने भोपाल में बैठक करने का निर्णय लिया था। इसी के चलते रविवार को भोपाल के खानू गांव स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी विद्यालय में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक देर रात तक चली, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार-मंथन हुआ।

बैठक में देशभर से आए बोर्ड के करीब 50 सदस्य शामिल थे, जिनमें चेयरमैन मोहम्मद राबे हसन नदवी, मोहम्मद वली रहमानी, डॉ. असमा जेहरा, शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, ताजुल मसाजिद दारुल उलूम के मुखिया सिराज मियां समेत अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। उसके बाद रात में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें बैठक के बारे में मीडिया को जानकारी दी गई।

पर्सनल लॉ बोर्ड ने माना कि तीन तलाक गुनाह और शर्मनाक है, लेकिन हम शीर्ष अदालत के फैसले से हम खुश नहीं हैं, क्योंकि यह हमारी धार्मिक भावनाओं पर चोट है। बोर्ड ने 10 सदस्यों की एक कमेटी बनाने का फैसला किया है, जो तीन तलाक पर फैसले के खिलाफ फिर से सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करेगी। बोर्ड ने सोमवार को राजधानी भोपाल में महिलाओं का सम्मेलन बुलाया है, जो इकबाल मैदान में सुबह 11 बजे शुरू हुआ। सम्मेलन में तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर महिलाएं बोर्ड के समक्ष अपने-अपने विचार रखेंगी।

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