पीएम मोदी ने दिया नया नारा ‘करेंगे करके रहेंगे’

भारत छोड़ो आंदोलन के 75वीं वर्षगांठ पर सदन को संबोधित करते हुए

नई दिल्ली: बुधवार को भारत छोड़ो आंदोलन के 75वीं वर्षगांठ के मौके पर विशेष सत्र का आयोजन दोनों सदनों में किया गया। इस दौरान लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा,आज का दिन हमारे लिए गौरव की बात है। 9 अगस्‍त के आंदोलन की कल्पना अंग्रेजों को भी नहीं थी। युवाओं ने इसे आगे बढ़ाया था।

इस मौके पर राष्‍ट्रपिता को याद करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान महात्‍मा गांधी ने कहा था ‘करेंगे या मरेंगे। बापू ने अग्रेंजों से साफ कहा था कि पूर्ण स्‍वतंत्रता से कम पर समझौता नहीं। पीएम मोदी ने कहा,आज हमारे पास गांधी नहीं हैं बापू जैसा नेतृत्‍व नहीं है हमारे पास लेकिन हमारे पास सवा सौ करोड़ की ताकत है। जैसे 1947 में भारत कई देशों की आज़ादी के आंदोलन के लिए प्रेरणा बना था, वैसे आज 2017 में भी भारत कई देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। राजनीति से बड़ी राष्‍ट्रनीति होती है। भ्रष्‍टाचार रूपी दीमक ने देश को तबाह कर रखा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ‘करो या मरो’ आज नारा है करेंगे करके रहेंगे।

पीएम ने कहा 1942 में देश जब उठ खड़ा हुआ तो 5 साल के अंदर आजादी मिल गई। भारत के स्वतंत्रता संग्राम से शुरू हुआ उपनिवेशवाद का खात्मा हो गया। पीएम ने कहा, ‘कानून तोड़ना हमारा स्‍वभाव बन गया है। गरीबी, कुपोषण, अशिक्षा आज की चुनौतियां हैं विश्‍व नेतृत्‍व के लिए हमारी ओर देख रहा है जीएसटी की सफलता सरकार की इच्‍छाशक्‍ति है। हम इमानदारी का संकल्‍प ले विश्‍व का नेतृत्‍व कर सकते हैं। महिला सशक्‍तिकरण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हम महिलाओं को आगे बढ़ाएंगे और भ्रष्‍टाचार को दूर करेंगे साथ ही गरीबों का कल्‍याण करेंगे।

इसके बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने राष्‍ट्रपिता को याद करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान बापू ने कहा था कांग्रेस करे या मरे जिसके बाद लोग उत्‍साहित हो गए।उन्‍होंने कहा,बापू की बात को मैं दोहरा रही हूं बापू ने कहा था करो या मरो। कई लोगों ने आजादी आंदोलन का विरोध किया। ऐसे लोगों का आजादी में कोई योगदान नहीं। अंग्रेजी हुकूमत ने दमन किया।आज भी हमें हर तरह की दमनकारी नीतियों से लड़ना है।

इस विशेष सत्र में आज प्रश्न काल और शून्य काल नहीं होगा, लोकसभा में अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और राज्य सभा में सभापति हामिद अंसारी की तरफ़ से एक प्रस्ताव पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके बाद लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जबकि राज्य सभा में वित्त मंत्री अरूण जेटली भारत छोड़ो आंदोलन को लेकर चर्चा की शुरूआत करेंगे। चर्चा में सभी पार्टियों के प्रमुख नेता अपनी बात रखेंगे। इसके बाद चर्चा का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से होगा।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.