जी-20 देशों की बैठक में ग्लोबल अर्थव्यवस्था को समावेशी बनाने का प्रस्ताव

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित जी-20 देशों की फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी) की महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक के अन्तिम दिन बुधवार को भी ग्लोबल अर्थव्यवस्था को समावेशी बनाने बेरोजगारी विकास दर नयी सम्भावनाओं पर वृहद चर्चा हुयी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और नोटबंदी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबुती सकल विकास दर बढ़ने का साफ असर दिखा। बैठक में आर्थिक उद्योग, पर्यटन, कृषि के विभिन्न पहलुओ पर चर्चा कर प्रस्ताव तैयार किया गया। यहां तैयार आर्थिक विकास के एजेन्डे को जुलाई में जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में होने वाले जी-20 के सम्मेलन में प्रस्तुत किया जायेगा। इसके पूर्व बैठक में मौजूद 20 विकसित एवं विकासशील देशों के करीब 75 प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देश का एजेंडा प्रस्तुत किया। बैठक की अध्यक्षता भारत-कनाडा ने संयुक्त रूप से की। बताते चले कि, पहले दिन जी-20 देशों की फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप की बैठक पूरी दूनिया में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा छाया रहा।

सभी देशों के प्रतिनिधि इस बात पर चिंतित नजर आए कि कैसे अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे और अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो। सभी का मानना था कि जिस गति से आबादी बढ़ रही है उसके सापेक्ष रोजगार का सृजन नहीं होने के कारण ही भ्रष्टाचार एवं आतंकवाद जैसी समस्याएं पनप रही है। बैठक में भारत के वित्त मंत्रालय के विशेष सचिव दिनेश शर्मा एवं आरबीआई के एजिक्यूटिव डाइरेक्टर राजेश्वर राव ने सुझाव देते हुए कहा कि सभी देशों को घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही आधारभूत ढांचे में निवेश बढ़ाना होगा। श्रम पूंजी का भंडार बनाना होगा। कहा कि अगली पीढ़ी का वैश्विक विकास संबद्ध मशीनों, डिजिटल क्रांति और नई तकनीकी की नींव रखने पर निर्भर है।

विशेष सचिव दिनेश शर्मा ने नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था और उससे निबटने के तरीके, भ्रष्टाचार से मुक्ति, आतंकवाद पर रोक जैसी चुनौतियों से निबटने में भारत के प्रयासों की चर्चा की। बैठक में विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी), संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन, यूपोपियन कमीशन, फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल रहे।

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