प्रणय रॉय के आवास पर सीबीआई छापेमारी, विपक्ष ने बताया केंद्र की तानाशाही

नई दिल्ली: सीबीआई के वरिष्ठ पत्रकार और एनडीटीवी के संस्थापक और मालिक प्रणय रॉय के आवास पर छापा मारने को लेकर राजनीतिक पार्टी ने इसे गलत बताते हुए तानाशाही करार दिया है। वहीं एनडीटीवी ने कहा इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस ने कहा कि मीडिया जानती है देश में क्या चल रहा है और मीडिया को निर्णय करना है कि क्या सही है और क्या गलत? वहीं इस मसले पर आप नेता संजय सिंह ने कहा, ‘सीबीआई का छापा इस बात सबूत है जो इस तानाशाह सरकार के ख़िलाफ सच की आवाज़ उठायेगा उसका गला दबा दिया जायेगा।‘

दूसरी ओर, सीबीआई के छापे पर एनडीटीवी ने भी सफाई दी है। चैनल का कहना है कि प्रणव रॉय को झूठे केस में फंसाया जा रहा है। एनडीटीवी ने कहा, ‘सीबीआई ने एनडीटीवी और सहयोगी कंपनियों के खिलाफ उन्हीं पुराने गलत आरोपों पर जांच कर रही है। एनडीटीवी इसके खिलाफ आवाज उठाता रहेगा। हम इन हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। हम उन्हें संदेश देना चाहते हैं कि हम देश के लिए लड़ते रहेंगे।‘

सोमवार सुबह आठ बजे के करीब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ की टीम एनडीटीवी न्यूज़ चैनल के प्रमोटर प्रणय रॉय के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित घर पर पहुंची और छापेमारी की। प्रणय रॉय पर फंड डायवर्जन और बैंक से फ्रॉड का आरोप है। सीबीआइ की टीम प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय से बैंक फ्रॉड के मामले में भी पूछताछ कर रही है।

टूजी स्कैम के पैसे को चिदंबरम के साथ मिलकर ब्लैक से ह्वाइट करने के मामले में प्रणय रॉय इनकम टैक्स की जांच में आरोपी हैं। मनमोहन सरकार के कार्यकाल में आईआरएस अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस स्कैम और इसमें चिदंबरम और प्रणय रॉय की मिलीभगत को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया था। जिसके बाद इस आईआरएस अधिकारी को तरह तरह से प्रताड़ित किया गया।

इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा प्रावधानों का उल्लंघन करने को लेकर एनडीटीवी के खिलाफ 2,030 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया था। ईडी का ये नोटिस प्रणय रॉय, राधिका रॉय और सीनियर एग्जीक्यूटिव केवीएल नारायण राव के खिलाफ जारी किया गया था। इसी वजह से कांग्रेस नेता इस छापे और आऱोप को लगत करार दे रहे हैं।

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