राज्यसभा में सभापति पर विपक्ष के गंभीर आरोप, जेटली ने की आलोचना

नई दिल्ली: राज्यसभा में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने जहां सभापति एम. वेंकैया नायडू पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया वहीं सभापति नायडू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी यह कोशिश रही है कि सदन की कार्यवाही नियम व परिपाटी से चले। दूसरी ओर नेता सदन व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सभापति पर विपक्ष के आरोपों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी दल अकारण ही विवाद पैदा कर रहे हैं और चर्चा से भाग रहे हैं। सभापति ने कुछ विपक्षी दलों द्वारा आज दोपहर बाद सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने की घोषणा के संदर्भ में कहा कि वह इन नेताओं के साथ विवाद में नही पड़ना चाहते।

जहां तक उनका संबंध है, वह केवल यह चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही प्रभावी व सकारात्मक ढंग से चले। वह किसी को तरजीह और किसी की उपेक्षा में विश्वास नहीं रखते। दरअसल, मंगलवार को राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी की भूमिका को लेकर मामला उठाने की कोशिश की जिसे सभापति एम. वेंकैया नायडू ने अनुमति नही दी। इसके कारण सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों और आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने सभापति पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सदन की कार्यवाही का आज की शेष अवधि के लिए बहिष्कार किया।

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि सभापति सदस्यों को महत्वपूर्ण विषयों पर बोलने की अनुमति नही दे रहे हैं । ये निर्वाचित सदस्य देश के दूर दराज के इलाकों से आते हैं और सदन में लोकमहत्व के सवाल उठाना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभापति का रवैया भेदभावपूर्ण है तथा सदन की कार्यवाही नियमानुसार नही चलाई जा रही है। इन दलों के नेताओं ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि वे सभापति के रवैये के विरोध में आज शेष अवधि के लिए कार्यवाही में भाग नही लेंगे।

राज्यसभा में सदन के नेता वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के व्यवहार की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि यह दल अकारण ही विवाद पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा आज दोपहर बाद सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने के फैसले को अभूतपूर्व बताते हुए जेटली ने कहा कि विपक्षी दल जहां कोई विवाद नही है, वहां विवाद पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदस्यों के लिए सदन में विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बहुत अवसर मौजूद हैं। इसके बावजूद यह सदस्य सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि यह जाहिर है कि विपक्षी सदस्य सदन में समुचित तरीके से चर्चा नहीं करना चाहते। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के नेतृत्व में कुछ विपक्षी दलों ने आज सभापति एम वेंकैया नायडू पर विपक्षी सदस्यों को सदन में न बोलने देने का आरोप लगाया था तथा सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.