युद्ध के लिए हर समय तैयार: वायुसेना प्रमुख

गाजियाबाद: वायुसेना प्रमुख मार्शल बी.एस. धनोआ ने रविवार को कहा कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) युद्ध के लिए हर समय तैयार है और मौजूदा भू-राजनीति परिदृश्य में ‘संक्षिप्त व शीघ्रगामी’ संघर्ष होने की संभावना को लेकर भी आगाह किया।

धनोआ ने हिंडन वायु सैन्यअड्डे पर 85वें वायुसेना दिवस के मौके पर कहा, ”हम अधिग्रहण, आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण के साथ शांति की इच्छा के बावजूद शॉर्ट नोटिस मिलने पर भी लड़ने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, ”यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम युद्ध के लिए तैयार रहें, चाहे वह जमीन हो या आसमान हो और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति के लिए शॉर्ट नोटिस पर अपनी युद्ध प्रणाली अभियान को बनाए रखें।” वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय वायु सेना किसी भी चुनौती का जवाब उचित तरीके से देने के लिए आत्मश्विास से भरा हुआ है।

वायु सेना दिवस के मौके पर उनका संदेश एक पुस्तिका में प्रकाशित हुआ, जिसमें उन लोगों के उद्धरण हंै जो रविवार को वीरता व सेवा पदक पुरस्कार से सम्मानित हुए। धनोआ ने मौजूदा भू-राजनीति परिदृश्य में ‘संक्षिप्त व शीघ्रगामी’ संघर्ष होने की संभावना को लेकर भी आगाह किया।

उन्होंने कहा, ”वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में अनिश्चितताओं के बीच भारतीय वायु सेना को विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने की जरूरत पड़ सकती है। हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी विदेशी आक्रमण से हमारे देश की रक्षा करना है। मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में हमें संक्षिप्त व तेजी से युद्ध करने की जरूरत पड़ सकती है, जिसके लिए हमें सावधान रहने और शॉर्ट नोटिस पर युद्ध करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।” वायुसेना प्रमुख का कहना है कि शांतिकाल के समय नुकसान होना चिंता का कारण है।

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार को हेलीकॉप्टर एमआई-17 वी5 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में पूछे जाने पर धनोआ ने कहा कि हेलीकॉप्टर का टेल रोटर बंद हो गया था और ऐसा क्यों हुआ इसका कारण अदालती जांच में निर्धारित होगा। इस हादसे में वायुसेना के पांच कर्मियों व दो सैन्य कर्मियों की मौत हो गई।
उन्होंन कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को और मूल्यवान जीवन व संपत्ति को खोना बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।

उन्होंने वायु सेना के पूर्व मार्शल अर्जन सिंह को श्रद्धांजलि भी दी, जिनका 17 सितम्बर को निधन हो गया।
वायु सेना दिवस आठ अक्टूबर 1932 को सशस्त्र सेना की स्थापना के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
इस कार्यक्रम में वायु सेना कर्मियों को छह वायु सेना पदक (वीरता), 14 वायु सेना पदक और 28 विशिष्ट सेवा पदक भी दिए गए।

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