‘बंधन एक्सप्रेस’ को मोदी, ममता, हसीना ने दिखाई हरी झंडी

नयी दिल्ली: भारत एवं बंगलादेश ने आज परस्पर कनेक्टिविटी को विस्तार देते हुए कोलकाता से बंगलादेश के दक्षिण-पि>म औद्योगिक शहर खुलना के बीच नयी ट्रेन सेवा बंधन एक्सप्रेस और दो पुलों का उद्घाटन किया।

नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ढाका में बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और कोलकाता में पि>म बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई ट्रेन सेवा और भैरब एवं टिटास नदियों पर दोनों पुलों का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित थे।

ये दोनों पुल करीब दस करोड़ डॉलर की लागत से दोहरी ब्रॉडगेज लाइन के हिसाब से बनाए गये हैं। जिनसे बंगलादेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इनसे ढाका से चटगांव एवं अखौरा की कनेक्टिविटी सुधरेगी और पूर्वोत्तर के लिये बंगलादेश होकर रेल परिवहन की सुविधा का मार्ग प्रशस्त होगा।

तीनों नेताओं ने कोलकाता के चितपुर में अंतर्राष्ट्रीय यात्री टर्मिनस का भी शुभारंभ किया जिससे दोनों देशों के रेलयात्रियों को पेट्रापोल में आव्रजन जांच के लिये असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। कोलकाता, खुलना और ढाका में ही आव्रजन एवं सीमा शुल्क जांच प्रक्रिया पूरी होने से यात्रा के समय में करीब तीन घंटे की कमी आएगी। कोलकाता और ढाका के बीच पहली ट्रेन सेवा मैत्री एक्सप्रेस का शुभारंभ 2009 में हुआ था। बंधन एक्सप्रेस को शुरू करने का समझौता जून 2015 में श्री मोदी की ढाका यात्रा के दौरान हुआ था।

इस मौके पर श्री मोदी ने अपने संबोधन में बंगलादेश के लोगों को बंगाली भाषा में शुभकामनायें देते हुए कहा कि बंगलादेश के विकास में विश्वस्त साझेदार होना भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कोई प्रोटोकॉल को बाधा नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने श्रीमती हसीना के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को और बढ़ाया जाना चाहिए तथा दोनों देशों के नेताओं को भी पड़ोसियों जैसे संबंध रखने चाहिए। जब मन किया, बात कर ली या एक दूसरे के यहां आ गए।

 श्री मोदी ने कहा, “मेरा शुरू से ही मानना रहा है कि पड़ोसी देशों के नेताओं के साथ सही मायने में पड़ोसियों जैसे संबंध होने चाहिए। जब मन किया तो बात होनी चाहिए, यात्राएं होनी चाहिए। इस सबमें हमें प्रोटोकॉल के बंधन में नहीं रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले हमने दक्षिण एशियाई कृत्रिम उपग्रह और गत वर्ष पेट्रापोल एकीकृत जांच चौकी के शुभारंभ इसी प्रकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से इसी प्रकार किया था।

श्री मोदी ने दोनों रेल सुविधाओं के नाम -मैत्री और बंधन को अपने साझा दृष्टिकोण के अनुरूप बताते हुए कहा, “जब भी हम कनेक्टिविटी की बात करते हैं, तो मुझे हमेशा आपके 1965 के पूर्व की स्थिति के अनुरूप कनेक्टिविटी बहाल करने के विज़न का खयाल आता है। मुझे बहुत खुशी है कि हम इस दिशा में कदम-दर-कदम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी का सबसे महत्वपूर्ण आयाम है हमारे लोगों के बीच कनेक्टिविटी। आज अंतर्राष्ट्रीय यात्री टर्मिनस के उद्घाटन से कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस और आज शुरू हुई कोलकाता-खुलना बंधन एक्सप्रेस के यात्रियों को काफी सुविधा होगी। इससे उन्हें न सिर्फ कस्टम और आव्रजन में आसानी होगी, बल्कि उनकी यात्रा के समय में भी तीन घंटे की बचत होगी।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम ने हमारे संबंधों को और प्रगाढ़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता-ढाका के बीच कनेक्टिविटी को बढाना आज संभव हुआ है, लोगों के लिए परेशानी मुक्त और सहज यात्रा होगी।  यह बांग्लादेश और भारत के बीच साझा दृष्टिकोण का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि बंगलादेश के विकास कार्यों में विश्वस्त साझेदार होना भारत के लिए गर्व का विषय है। मुझे प्रसन्नता है कि हमारे आठ अरब डॉलर के रियायती वित्तपोषण के संकल्प वाली परियोजनाओं पर अच्छी प्रगति हो रही है। विकास और कनेक्टिविटी दोनों एक साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों, विशेष रूप से पि>म बंगाल और बंगलादेश के लोगों के बीच जो सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं, उन्हें मजबूत करने की दिशा में आज हमने कुछ और कदम उठाए हैं।

श्री मोदी ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे-जैसे हम अपने संबंध बढ़ाएंगे और लोगों के बीच रिश्ते मज़बूत करेंगे, वैसे वैसे हम विकास और समृद्धि के नए आसमान भी छुएंगे। इस काम में सहयोग के लिए मैं प्रधानमंत्री शेख हसीना और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हृदय से आभार प्रकट करता हूं।

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