चार मार्ग वाले राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेंगे 550 जिले

नयी दिल्ली: ढाँचागत विकास में मजबूत सड़क नेटवर्क को अहम मानते हुए सरकार ने भारतमाला कार्यक्रम के तहत देश के 550 जिलों को चार लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का कहना है कि देश में सड़कों का मजबूत जाल बिछाने के लिए भारतमाला परियोजना की परिकल्पना की गयी है और इस कार्यक्रम के तहत पहले चरण में देश के डेढ़ सौ नये जिलों को चार लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाना है। पहले चरण की परियोजना पूरी होने के बाद देश के 550 जिले चार लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएंगे।

पहले चरण में मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत 34,800 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाना है जिनमें 10 हजार किलोमीटर सड़क नेटवर्क राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत लम्बित पड़ी पुरानी परियोजनाओं का हिस्सा है। देश में सड़क नेटवर्क के विकास में इस चरण में कुल पांच लाख 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

भारतमाल परियोजना का सबसे बड़ा फायदा दूरदराज के गाँवों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों को मिलेगा। सीमांत क्षेत्र में परियोजना के तहत दो हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाना है और इस पर 15 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क संपर्क में बड़ा इजाफा होगा। क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों के साथ ही महत्वपूर्ण शहर चार लेन के राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ जाएंगे।

देश में बेरोजगारी कम करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में यह परियोजना अहम साबित होगी। परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे जहां बेहतर सड़क परिवहन की सुविधा हासिल होगी, वहीं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि उनका मंत्रालय देश में ढांचागत विकास की योजनाओं को विशेष महत्व दे रहा है और 2025 तक ढांचागत विकास के क्षेत्र में 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इनमें से छह लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई अन्य परियोजनाएं शुरू करने की प्रक्रिया भी जारी है और कई के लिए भूमि का अधिग्रहण भी पूरा किया जा चुका है।

श्री गडकरी का यह भी कहना है कि ढांचागत विकास को मजबूत बनाने के लिए आर्थिक गलियारे तथा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाये जा रहे हैं। चेन्नई, बेंगलुरु, विजयवाड़ा, हैदराबाद, सूरत तथा गुवाहाटी में इस तरह के पार्कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। सागरमाला के तहत देश में 24 लॉजिस्टिक पार्क बनेंगे और 44 आर्थिक गलियारों का निर्माण किया जायेगा।

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि देश में ढांचागत विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सड़क नेटवर्क विकसित करने के साथ ही तटीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए अलग से सागरमाला कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। सरकार ने दो दिन पहले ही 2,302 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ आठ प्रमुख बंदरगाहों पर काम आंरभ करने की तैयारी कर दी है।

केंद्रीय मंत्री का दावा है कि सरकार देश में विश्वस्तरीय सड़क परिहवन और माल ढुलाई की सेवा उपलब्ध करायेगी तथा इस दिशा में वह निरंतर काम कर रही है। उनका दावा है कि तीन साल पहले देश में 96 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का नेटवर्क था जो अब बढ़कर 1.7 लाख किलोमीटर तक पहुंच चुका है। जल्द ही यह दो लाख किलोमीटर हो जायेगा। इससे दूर क्षेत्र में बसने वाले किसानों को फायदा होगा और वे अपने उत्पाद को आसानी से बाजार में भेज सकेंगे।

 

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