कांग्रेस ने ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द उछाला था : मोदी

वर्धा (महाराष्ट्र): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस पर वोट-बैंक की राजनीति करने के लिए ‘हिंदू आतंक’ शब्द को उछालने और करोड़ों हिंदुओं को आतंकवादी की तरह पेश कर उनकी भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।मोदी ने यहां एक रैली में कहा, ”हमारे 5,000 वर्ष पुराने संस्कृति में, यह पहली बार है कि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शांतिपूर्वक रहने वाले हिंदुओं को आतंवादी कहने का पाप किया और पूरी दुनिया के सामने उनकी छवि धूमिल करने का काम किया।” मोदी ने कहा, ”उन्होंने यह वोट बैंक की राजनीति के लिए किया और वे इसकी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे, इसलिए कांग्रेस-राकांपा आम हिंदुओं को अपमानित करने का काम कर रही है।

पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना द्वारा की गई कार्रवाई के सबूत मांगे गए, जिसने उन्हें पड़ोसी देश में लोकप्रिय बना दिया।” मोदी ने कहा, ”आप निर्णय करें कि आप किसे चाहते हैं? भारतीय हीरो या जो पाकिस्तान में हीरो बन गए हैं? क्या आप उसे सबक सिखांएगे या नहीं? आपको यह सुनिि>त करके निि>त ही रिकार्ड बनाना चाहिए कि कांग्रेस-राकांपा राज्य में एक भी सीट नहीं जीत सके।” उन्होंने कहा कि अदालत के हालिया फैसले से वे डर गए हैं कि हिंदू उनको सबक सिखाएंगे, इसलिए उन्हें हिंदू बहुल संसदीय क्षेत्रों में खड़े होने का साहस नहीं है और चुनाव के लिए अन्य अल्पसंख्यक बहुल सीटों की ओर दौड़ रहे हैं।

मोदी यह कहकर अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साध रहे थे, जिन्होंने अमेठी के साथ-साथ करेल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया था।उन्होंने इसके साथ ही राकांपा व इसके शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। मोदी ने उन पर दशकों तक किसानों की उपेक्षा करने व भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया।उन्होंने विशेष रूप से राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, उनके भतीजे अजीत पवार व अन्य पर निशाना साधा और कहा कि गंभीर ‘अंतर-पारिवारिक संकट’ की वजह से पार्टी की पकड़ शरद पवार के हाथों से फिसल रही है।मोदी ने कहा, ”शरद पवार सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वह जो भी कुछ करते या बोलते हैं, गहन सोच-विचार के बाद करते हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अचानक पीछे हट गए।

जिस व्यक्ति ने कभी सोचा था कि वह प्रधानमंत्री बन सकता है, उसने युद्ध शुरू होने से पहले ही लड़ाई का मैदान छोड़ दिया। यानी कि वह जानता है कि हवा किस तरफ बह रही है।” उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर चल रहे सत्ता के खेल में पार्टी पर अजीत पवार की पकड़ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है, जिसने राकांपा के लिए बड़ी समस्या खड़ी की है, यहां तक कि इससे लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को टिकट देने में भी समस्या हुई है।बीते महीने पवार ने लोकसभा चुनाव लड़ने की योजना को बदल दिया और मावल निर्वाचन क्षेत्र से अपने बड़े पोते पार्थ अजीत पवार को नामांकित कर अगली पीढ़ी को अवसर देने का फैसला किया।

मोदी ने कहा, ”केंद्र व राज्य में मंत्रियों के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पवार परिवार ने सिंचाई परियोजनाओं, बुनियादी ढांचा, रियल्टी क्षेत्रों के जरिए हजारों करोड़ रुपये की लूट की। वे अब इन घोटालों को लेकर चिंतित हैं।” उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के सिंचाई घोटालों की वजह से विदर्भ क्षेत्र में सूखे की स्थिति पैदा हुई है।मोदी ने पवार पर विभिन्न बड़ी व छोटी सिंचाई परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार ने इस तरह के 99 अधूरे बांध कार्यों को पूरा किया है, जिसमें से 36 अकेले महाराष्ट्र में हैं।इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस-राकांपा की सरकार ने 2011 में मावल में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर फायरिंग का आदेश दिया था, लेकिन भाजपा-शिवसेना सरकार ने जलयुक्त शिवर अभियान चलाया है, जिससे राज्य के पेयजल संकट को हल करने में सहायता मिली है।

मोदी ने पूर्वी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के वर्धा में भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए पवार पर हमले किए। पवार के परिवार को राज्य में सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के तौर पर माना जाता है।इससे पहले, मोदी ने खुद को ‘शौचालयों का चौकीदार’ कहे जाने पर ‘गर्व’ जताया। उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस की गाली उनके लिए गहने की तरह है।’ कांग्रेस के एक नेता की कथित टिप्पणी में उनकी तुलना शौचालय के चौकीदार के साथ किए जाने का जिक्र करते हुए मोदी ने दावा किया कि वह लाखों महिलाओं के स्वाभिमान व गरिमा के संरक्षक हैं, जो अपने घरों में शौचालय नहीं होने से शर्मिंदगी का सामना करती थीं।

मोदी ने कहा, ”मुझे करोड़ों महिलाओं की इज्जत का संरक्षक बनकर खुशी व गर्व है, जिन्हें सूर्योदय से पहले शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था और इसके लिए फिर शाम होने तक इंतजार करना पड़ता था।” उन्होंने कहा, ”मेरा अपमान कर कांग्रेस ने सफाई कार्यकर्ताओं का अपमान किया है जो दशकों से शौचालयों को साफ करने का श्रम कर रहे हैं। यह उनके लिए हंसी का विषय हो सकता है, लेकिन मैं इसके बारे में पूरी तरह से गंभीर हूं।” मोदी ने कहा कि वह वर्धा की पवित्र भूमि पर आकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जिसकी महात्मा गांधी, आचार्य विनोबा भावे, बाबा आमटे व अन्य ने शोभा बढ़ाई है।इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रामदास अठावले व पूर्वी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार मौजू२द रहे।

 

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