आम बजट : मध्यवर्ग, किसानों व असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सौगात

नई दिल्ली: चुनावी साल के अंतरिम बजट की सभी परंपराओं को तोड़ते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को सभी वर्ग को सौगात दी। मध्यवर्ग और वेतनभोगी करदाताओं के लिए आयकर छूट की सीमा दोगुना बढ़ाकर 5 लाख रुपये, छोटे किसानों को 6,000 रुपये की मासिक आय समर्थन के साथ ही नोटबंदी से प्रभावित असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अंशदायी पेंशन की सौगात दी है। बीमार अरुण जेटली का कार्यभार संभालने के बाद गोयल ने अपने 100 मिनट के बजट भाषण में वेतनभोगी वर्ग और पेंशनभोगियों के लिए मानक कटौती 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है और दूसरे घर (अगर वह खुद इस्तेमाल करे) के अनुमानित किराये पर लगने वाले आयकर में छूट का प्रस्ताव दिया गया है। इससे अपनी नौकरियों के कारण दो स्थानों पर परिवार रखने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।

इस राहत से सरकार के राजस्व में 23,100 करोड़ रुपये सालाना की कमी आएगी। लेकिन इससे 3 करोड़ से अधिक वेतनभोगी और पेंशनभोगी वर्ग को फायदा होगा। छूट की सीमा बढ़ाने से राजस्व में 18,400 करोड़ रुपये तथा मानक कटौती में वृद्धि से राजस्व में 4,700 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। हिंदी भाषी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की हार के कारण बजट में दो हेक्टेयर से कम जमीन रखनेवाले छोटे किसानों को 6,000 रुपये सालाना का प्रत्यक्ष आय समर्थन दिया जाएगा, जो सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित होगा।
इस योजना का वित्त पोषण पूरी तरह से केंद्र सरकार करेगी और इससे 12 करोड़ किसान परिवारों को सीधा फायदा होगा। इस घोषणा के बाद सत्ताधारी दल के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इसका स्वागत किया।

नोटबंदी से प्रभावित असंगठित क्षेत्र के लिए गोयल ने अंशदायी पेंशन योजना शुरू की है, जिसमें 60 साल की उम्र के बाद 3,000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी, जिससे असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कामगार लाभान्वित होंगे। इस योजना में शामिल होने की अधिकतम उम्र 29 सल है और उन्हें 60 साल की उम्र तक 100 रुपये मासिक का भुगतान करना होगा, जबकि 18 साल की उम्र में योजना में शामिल होने वालों को 60 साल की उम्र तक 55 रुपये मासिक का भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि यह योजना इसी साल लागू की जाएगी और इसके लिए 500 करोड़ रुपये के वित्त का आवंटन किया गया है।

पेंशनभोगी और वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत देते हुए बैंक जमा की रकम पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) का दायरा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दिया है। तथा किराये पर कर कटौती के लिए टीडीएस सीमा को 1,80,000 रुपये से बढ़ाकर 2,40,000 रुपये तक कर दिया है। उन्होंने कहा, ”धारा 80 (सी) के तहत कर छूट प्राप्त करने के बाद मध्यवर्ग के करदाताओं को 6.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं चुकाना होगा।” इसके बाद सत्ताधारी दल के सांसद मेज थपथपाकर ”मोदी, मोदी, मोदी” का नारा लगाने लगे। इस दौरान खुद प्रधानमंत्री ने भी मेज थपथपाकर इस ऐलान का स्वागत किया। गोयल जब भी कोई नई घोषणा करते, प्रधानमंत्री उसका मेज थपथपाकर स्वागत करते नजर आए।

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