अवैध खनन को लेकर दिल्ली, उप्र में 14 ठिकानों पर सीबीआई का छापा

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अवैध बालू खनन मामले की जांच के दौरान शुक्रवार को आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता और बसपा के एक नेता के आवासों सहित दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 14 ठिकानों पर छापे मारे। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने उस समय खनन मंत्रालय अपने पास रखा था। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने संवाददाताओं से कहा कि एजेंसी ने दो जनवरी को 11 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें कुछ ज्ञात, अज्ञात नौकरशाहों सहित अन्य शामिल हैं।

एजेंसी ने मामले में हमीरपुर की पूर्व जिलाधिकारी और महिला आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, माइनर आदिल खान, जियोलॉजिस्ट/खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, सपा नेता रमेश कुमार मिश्रा, उनके भाई दिनेश कुमार मिश्र, हमीरपुर के खनन विभाग के पूर्व क्लर्क राम अक्षय प्रजापति, बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के टिकट पर 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके संजय दीक्षित, उसके पिता सत्यदेव दीक्षित, खनन विभाग के पूर्व क्लर्क राम अवतार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली के लाजपत नगर क्षेत्र और कानपुर, लखनऊ, हमीरपुर, जालौन, हमीरपुर और नोएडा (उत्तरप्रदेश) में 14 स्थानों पर छापेमारी की गई।

एजेंसी ने चंद्रकला के लखनऊ और नोएडा स्थित आवासों की तलाशी ली और सपा नेता और उनके भाई के कानपुर और उनके सहयोगी अंबिका तिवारी के हमीरपुर स्थित परिसरों की तलाशी ली। दयाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में साल 2012 से 2016 के बीच अवैध बालू खनन मामले की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया है। अधिकारी ने बताया कि सीबीआई के हाथ कई दस्तावेज लगे हैं और आईएएस अधिकारी के एक बैंक लॉकर और दो बैंक खातों को जब्त किया गया है। आदिल खान के आवास से एजेंसी को खनन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। उन्होंने बताया, ”हमने पाया कि उन्हें खनन लाइसेंस तत्कालीन खदान मंत्री गायत्री प्रजापति की सिफारिश पर मिला था।” उन्होंने कहा कि एजेंसी ने मोइनुद्दीन के हमीरपुर स्थित आवास से 12.5 लाख रुपये की नकदी और 1.8 किलोग्राम सोना बरामद किया, जबकि खनन विभाग के सचिव राम अवतार सिंह के जालौन स्थित घर से दो करोड़ रुपये नकदी और दो किलोग्राम सोना बरामद किया गया।

अधिकारी ने कहा, ”राम अवतार सिंह ने भी दूसरे के नाम से खनन का लाइसेंस हासिल किया था।” अधिकारी ने बताया कि सपा नेता रमेश कुमार मिश्रा की पत्नी के लखनऊ स्थित आवास की तलाशी की गई, लेकिन उसका नाम एफआईआर में नहीं है। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में 2012-16 के दौरान खदान मंत्री की भूमिका की भी जांच की जा रही है।पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 2012 और 2013 में खदान मंत्रालय अपने पास रखा था और बाद में उन्होंने गायत्री प्रजापति को खनन मंत्री बनाया।

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