अनंतनाग में आतंकी हमला, 5 जवान शहीद, 2 आतंकी ढेर

श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार को हुए आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का पांच जवान शहीद हो गए जबकि तीन जवान घायल बताए जा रहे हैं  जबकि इस गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया है, वहीं दूसरे आतंकवादी की तलाश जारी है। अभी एनकाउंटर चल रहा है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार में सवार नकाब पहने आतंकवादियों ने अनंतनाग के के।पी। रोड क्षेत्र में स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त दल पर हमला किया।

पुलिस सूत्रों ने कहा, ”हमले में सीआरपीएफ का पांच जवान शहीद हो गए, जबकि तीन सुरक्षाकर्मी व एक नागरिक घायल हो गए। घायल सुरक्षाकर्मियों में एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) भी शामिल है।” सूत्रों के अनुसार, ”हमले की जगह पर आतंकवादी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ कर रहे हैं। गोलीबारी जारी है। घटनास्थल पर अतिरिक्त बलों को भेजा गया है।”

हमले में सीआरपीएफ के एएसआई नेहरू शर्मा, कॉन्सटेबल सतेन्द्र शर्मा, कॉन्सटेबल एमके कुशवा शहीद हो गए हैं। घायलों में एसएचओ अनंतनाग अरशद अहमद की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें उपचार के लिए श्रीनगर ले जाया गया है। जबकि किदार नाथ, राजेंद्र सिंह का अनंतनाग के जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। हमले में 18 वर्षीय एक स्थानीय  महिला भी घायल हुई है, जिसकी पहचान स्नोबर जैन के तौर पर हुई है।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान ने सोमवार को सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसमें एक जवान शहीद हो गया। गोलीबारी में एक जवान घायल भी हुआ है। पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी शुरू की गई, जिसका भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान के जरिए कई बार सीजफायर का उल्लघंन किया गया है। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान ने ईद का दिन भी नहीं छोड़ा और उस दिन भी पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया।

ईद के पाक दिन कश्मीर घाटी के शांत रहने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पुलवामा में पत्थरबाजों ने सेना के गश्ती दल पर पथराव किया, वहीं पुंछ में पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया।सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने 6 जून तक 1170 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। वहीं 2018 में 1629 बार पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था। गृह मंत्रालय ने 12 दिसंबर 2018 को इस बात का जिक्र किया था कि इस साल आतंकी वारदातों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से ज्यादा थी।

 

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