कई बीमारियों की असली जड़ है नींद न आना

कहा जाता है कि यदि आपको सामन्य नींद आती है तो बिस्तर में लेटते ही सात मिनट के अंदर आप सो जाते हैं। यानी आपको सामान्य अवस्था में सात से आठ मिनट में बिस्तर में लेटते ही नींद आ जाती है। अक्सर लोगों को सोते ही नींद नहीं आती। कुछ लोग सोने के लिए कभी टीवी देखते हैं तो कभी किताबे भी पढ़ते हैं।

किताब या पत्रिकाएं पढने से अपेक्षाकृत जल्दी नींद आती है। क्योंकि इससे आपकी आखों पर अधिक जोर पड़ता है। यदि आपको सही तरह से नींद नही आती है तो कई समस्याएं हो सकती हैं। हम आपको बता रहे हैं नींद ना आने से क्या-क्या दिक्कतें होती हैं। साथ ही ये भी बताएंगे कि अच्छी नींद का क्या मतलब है। नींद ना आने से आपको ये समस्याएं हो सकती है।

कोई भी निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है। डिप्रेशन का शिकार होने लगते हैं। हार्ट प्रॉब्लम्स बढ़ने लगती हैं।मोटापा बढ़ने लगता है। हमेशा बीमार या सुस्त महसूस करते हैं।

क्या होती है अच्छी नींद – एक ताजा शोध में बताया गया है कि जो लोग रात में देर से सोते हैं अथवा देर रात तक काम करते हैं। फिर आधे घंटे से भी कम समय सोने में लगाते हैं। साथ ही रात में उनकी नींद नहीं टूटती तो समझ लीजिए उनकी नींद सबसे बेहतर है। ऐसे लोगों की नींद ना सिर्फ अच्छी होती है बल्कि वे हेल्दी भी रहते हैं।

क्या बताता है हालिया शोध – एनएसएफ यानि यूस के नॉन प्रॉफिट नेशनल स्लीप फाउंडेशन द्वारा की गई अनुसंधान के मुताबिक, 27 फीसदी लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सोने में आधा घंटा या उससे अधिक का समय लगता है।

कैसे की गई अनुसंधान – शोधकर्ताओं ने रिसर्च करने के लिए कुछ गैजेट्स का इस्तेमाल किया। कुछ प्रतिभागियों को नींद के दौरान गैजेट्स पहनाएं गए। जबकि कुछ प्रतिभागियों के बेड पर गैजेट्स रखे गए। इसके साथ ही इन प्रतिभागियों की गहरी और लाइट नींद को नोट किया गया। शोध में बताया गया है कि जो लोग सोने के लिए गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं उनकी नींद गहरी थी क्योंकि वे गैजेट्स के इस्तेमाल से काल्पनिक दुनिया में पहुंच जाते हैं।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.