शुरुआती जांच से सर्वाइकल कैंसर से मिल सकती है निजात

इंदौर: महिलाओं में तेजी से बढ रही सर्वाइकल कैंसर (ग्रीवा कैंसर) बीमारी की शुरुआत में जांच करा ली जाए तो हर साल लगभग दो लाख जानें बचायी जा सकती हैं।वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं रार्बट नर्सिंग होम के अधीक्षक डॉ. विजयसेन यशलहा ने आज यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि सर्वाइकल कैंसर (ग्रीवा कैंसर) की जाँच पर नाममात्र का खर्च आता है। इस जांच को अगर पूरे देश में अनिवार्य कर दिया जाये तो हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जांच से शुरूआती दौर में ही कैंसर का पता चलने पर उसका इलाज संभव होता है।

डॉ. यशलहा ने बताया कि इस जांच को अनिवार्य करने के वह लगातार प्रयासरत हैं और इसके लिय देश के विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चला रखा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर रोकने के लिये वह प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी कई पत्र लिख चुके हैं।सर्वाइकल कैंसर एचपीवी वायरस (हयूमन पेपीलोना वायरस) बीमारी है। यह महिलाओं तेजी से फैल रही है। यह महिलाओं में कैंसर की दूसरी सबसे घातक बीमारी है। पिछले 20 वर्षों में इस बीमारी ने व्यापक पैमाने पर अपने पैर पसारे हैं।

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