पानी पीने का सही तरीका जाने, नहीं तो हो सकती है ये बीमारियां

नई दिल्ली: स्वस्थ रहने के लिए पानी पीना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी पानी पीने के नियमों का पालन करना भी है। अक्सर आपने देखा होगा कि बहुत से लोग जल्दबाजी में या आदतन खड़े होकर पानी पीते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपको धीरे-धीरे मुसीबत में डाल सकती है।एक्सपर्ट मानते हैं कि किसी भी चीज के खाने-पीने के कुछ नियम होते हैं और उनके अनदेखी करना आपके सेहत को भारी पड़ सकता है। हम आपको बता रहे हैं कि पानी पीने की कुछ गलतियों की वजह से आपको क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, खड़े होकर पानी पीने से पानी किडनियों से बिना साफ हुए पूरे शरीर में पहुंच जाता है, जिससे पानी में अगर कोई हानिकारक पदार्थ मौजूद है, तो वो बिना छने ही पूरे शरीर में पहुंच जाता है। इससे किडनी में इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। खड़े होकर पानी पीने से एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं का खतरा हो सकता है। दरअसल जब खड़े होकर पानी पीते हैं, तो पानी इसॉफ़गस के जरिये तेजी से पेट तक पहुंच जाता है, जिससे पेट पर प्रेशर पड़ता है और पाचन तंत्र को नुकसान होता है।

हेमेशा खड़े होकर पानी पीने से आपके फेफड़े भी खराब हो सकते हैं। इसका कारण यह है कि ऐसा करने से फूड पाइप और विंड पाइप में पानी का दबाव वहां से गुजर रही ऑक्सीजन पर पड़ता है, जिससे फेफड़े तक कमज़ोर हो सकते हैं। यह पानी आसानी से पचता नहीं है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का भी कारण बनता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा यह आदत अल्सर का कारण भी बन सकती है। इसकी वजह यह है कि खड़े होकर पानी पीने से भोजन नली का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है और अल्सर होने के खतरे को बढ़ा सकता है।

खड़े होकर पानी पीने की आदत के कारण शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे शरीर के जोड़ों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता और इससे गठिया जैसी जोड़ों की समस्या हो सकती है।आजकल अधिकतर लोग बोतल से पानी पीते हैं। कई अध्ययन यह मानते हैं कि बोतल से पानी पीने से स्मरण शक्ति पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल बोतल को बनाने के लिए बाइसफेनोल ए का प्रयोग किया जाता है जोकि एक कैंसर पैदा करने वाला तत्व है। इसका पेट पर बुरा असर पड़ता है। इतना ही नहीं इससे गर्भपात होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

पानी पीने का सही तरीका यह है कि उसे गिलास में लेकर थोड़ा-थोड़ा पिया जाए। इससे मुंह गीला होता है और आपकी प्यास बुझती है। इससे पानी भोजन नली से जाकर पेट में एसिड के स्तर को बेअसर करने के लिए क्षारीय लार को पेट तक पहुंचने में मदद करता है। बोतल से पीने पर पानी गले तक नीचे चला जाता है।बहुत से लोग खाने से पहले ज्यादा पानी पी लेते हैं। आपको बता दें कि भोजन के दौरान पानी के साथ पेट भरने से पाचन की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले पाचन रस पतला हो जाता है।

दिन की शुरुआत गर्म पानी से करें। गर्म पानी पेरिस्टलसिस की प्रक्रिया में सहायता करता है क्योंकि मांसपेशियों को नींद के दौरान आराम करने की अवस्था में होता है। पानी के सेवन से मांसपेशियों को बेहतर मूवमेंट के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।

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