राजनीति में नहीं आना चाहती हैं रवीना टंडन

मुंबई: बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री रवीना टंडन राजनीति के क्षेत्र में नही आना चाहती हैं।रवीना इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘मातृ’ के प्रमोशन में जुटी हैं। किसी भी राजनीतिक या दूसरे विवादित मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाली रवीना से जब यह पूछा गया कि क्या वह कभी राजनीति में जाएंगी? इस सवाल के जवाब में रवीना ने कहा, ‘राजनीति में जाने को लेकर मेरे मन में बड़ी दुविधा है। राजनीति शायद मेरे जैसे स्पष्टवादी लोगों के लिए नहीं है।’ रवीना ने कहा “मैंने अपने शुरुआती दिनों में जब बच्चों के लिए काम करना शुरू किया था तब मेरे काम से प्रभावित और बच्चों के प्रति मेरी भावुकता देखकर सरकार ने मुझे चिल्ड्रन फिल्म सोसायटी का चेयर पर्सन बना दिया था।

लेकिन बाद में मेरे साथ वहां पॉलिटिक्स किया गया और ब्रॉडकास्ट मिनिस्ट्री ने मेरे खिलाफ एक अखबार में गलत जानकारी देते हुए कहा कि मैं अच्छा काम नहीं कर रही हूं। मुझे यह बात बहुत बुरी लगी। मेरे पति ने इस घटना के बाद मुझे बाल चित्र समिति से त्यागपत्र देने की सलाह दी। बस, मेरा राजनीति से यही पहला आमना-सामना रहा है। राजनीति में एक सरकार आपका चयन करती है तो दूसरी सरकार आपके विरुद्ध बोलती है।” रवीना ने कहा,”राजनीति एक बहुत ही गंदा खेल है और मैं बहुत स्पष्टवादी हूं,सब कुछ साफ-साफ कहने की आदत है मुझे। इसलिए मेरा राजनीति में आना और वहां टिकना मुश्किल होगा। मैं जब चिल्ड्रन फिल्म सोसायटी की अध्यक्ष थी तब मैंने बच्चों की फिल्म को कान फिल्म महोत्सव तक भेजा था।

मुझे याद है मैंने बच्चों को खासकर सरकारी स्कूल के बच्चों को बस में बैठाकर फिल्म दिखाने के लिए ले जाती थी। उन दिनों मैं खुद प्रेग्नेंट भी थी। मेरे पति मुझे अपनी गाड़ी में लाना-जाना करते थे। सेंसर बोर्ड ऑफ सर्टिफिकेशन उन दिनों ज्यादा कुछ नहीं किया करते थे। मुझे उन्होंने हफ्ते में दो या तीन दिन ही ऑफिस आने को कह रखा था। और यह भी कहा था यदि कुछ विशेष होगा तो हम आप से चर्चा करने आप के घर आ जाया करेंगे। ऐसा हम लोग जया बच्चन जी के समय भी किया करते थे।

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