चीन के आयातित सामान की बजाय मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा जीएसटी से -जेटली

नयी दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का कर-ढांचा ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने वाला तथा चीन आदि देशों से आने वाले आयातित सामान पर ज्यादा कर लगाने वाला है।

श्री जेटली से लोकसभा में जम्मू कश्मीर में एकीकृत एवं केन्द्रीय जीएसटी के विस्तार के लिये लाये गये दो विधेयकों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा ,’हम इस कर प्रणाली के माध्यम से देश में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना चाहते हैं, ना कि आयातित सामानों को। ‘

उन्होंने कहा कि कोई सामान विदेश से आता है तो उस पर बेसिक सीमा शुल्क दस प्रतिशत लगेगा और एकीकृत जीएसटी 12 प्रतिशत लिया जायेगा। इस प्रकार से चीन एवं अन्य देशों से आने वाले सामानों पर 22 प्रतिशत कर लगेगा। जबकि देश में बनने वाले उत्पादों पर सीमा शुल्क नहीं लगेगा और इनपुट क्रेडिट के कारण लाभ भी मिलने दाम और कम होंगे।

उन्होंने कहा कि इससे आयातित सामान की तुलना में भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे। इसका कारण यह भी है कि जीएसटी की पूरी प्रणाली में अधिकतर उत्पादों पर पहले की तुलना में कर का भार कम होगा और उनके मूल्य में कमी आएगी। सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

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