शेयर बाजार के वित्तीय लेन देन में जरूरी होगा आधार कार्ड

सेबी कर रहा योजना पर काम

मुंबई: मोदी सरकार द्वारा चल रही जनहित की योजनाओं में आधार जरुरी कर दिया है। अब यदि किसी भी सरकारी योजना का लाभ तभी मिल सकेगा,जब आधार आपके पास होगा, इसी तर्ज पर सेबी भी काम कर रहा है। अब शेयर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदने के लिए जल्द ही आधार कार्ड नंबर को अनिवार्य बनाया जा सकता है।

सरकार और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) आधार कार्ड को वित्तीय बाजार से लिंक करने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि इससे शेयर बाजार के माध्यम से काले धन को सफेद बनाने के खेल को रोकने में मदद मिलेगी। इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए दो सूत्रों ने बताया कि सरकार को अहसास हो चुका है कि पैन टैक्स चोरी रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए वह आधार पर दांव लगा रही है।

अभी ब्रोकरों या म्यूचुअल फंड कंपनियों को आधार नंबर नहीं बताना होता और निवेशकों की पहचान पैन के जरिए होती है। सेबी के बड़े अधिकारियों ने कुछ मार्केट इंटरमीडियरी को इस बारे में अनौपचारिक तौर पर जानकारी दी है। उन्हें बताया गया है कि वित्तीय बाजार के लेनदेन के लिए आधार नंबर को अनिवार्य बनाया जा सकता है। यह जानकारी वित्तीय सेवा देने वाली कंपनी के टॉप ऑफिशल ने दी। उन्होंने बताया,हमें बताया गया है कि आधार कार्ड को अनिवार्य बनाया जाएगा।’

यह नहीं पता है कि सेबी इस योजना का एलान कब करेगा,यह भी पता नहीं है कि क्या इस मामले में आधार, पैन की जगह लेगा। सरकार पहले आधार को पैन, बैंक अकाउंट और मोबाइल फोन से लिंक करने की बात कह चुकी है। बैंक अकाउंट रखने वालों को इस साल 31 दिसंबर तक आधार डिटेल्स अपने बैंक को देनी होगी। ऑनलाइन म्यूचुअल फंड ट्रांजैक्शंस के लिए आधार का इस्तेमाल नो योर क्लाइंट (केवाईसी) चेक के लिए किया जा सकता है।

आधार से ऑनलाइन केवाईसी (ई-केवाईसी) करने वाले निवेशक को म्यूचुअल फंड के पास जाकर फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती और ना ही उन्हें हस्ताक्षर मिलाने के लिए वहां जाना पड़ता है। कुछ ब्रोकर अपनी इंडस्ट्री के लिए आधार ई-केवाईसी की सहूलियत की मांग कर रहे हैं। ब्रोकरों का कहना है कि आधार को अनिवार्य बनाने से स्टॉक मार्केट से जुड़ी कुछ गड़बड़ियों को दूर करने में मदद मिलेगी। आईआईएफएल ग्रुप के चेयरमैन निर्मल जैन ने बताया, आधार से लिंक करने से भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।’

बाजार विशेषज्ञ का कहना है कि शेयर बाजार के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में पैन से मदद नहीं मिली है। ब्रोकरों का कहना है कि मल्टीपल पैन और फेक डीमैट अकाउंट्स के जरिए अभी भी काला धन शेयर बाजार में लाया जा रहा है। जैन ने कहा कि सरकार को आधार को सिंगल पहचान पत्र बना देना चाहिए। इस कदम का ब्रोकरेज इंडस्ट्री पर व्यापक असर होगा। एक ब्रोकरेज फर्म के सीईओ ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया,कुछ रीजनल कंपनियों को इस बात की चिंता सता रही है कि आधार को अनिवार्य बनाए जाने के बाद कितने पुराने ग्राहक उसके साथ बने रहेंगे? इससे आईपीओ मार्केट में भी पार्टिसिपेशन कम होगा, लेकिन यह अस्थायी दिक्कत होगी।

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