बीएलएस इंटरनेशनल ने एक और तिमाही में किया मजबूत प्रदर्शन

नई दिल्ली: दुनिया भर में सरकारों को वीजा, पासपोर्ट, प्रमाणन, काउंसिल सेवा तथा नागरिक सेवा क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवा प्रदाता बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड (बीएलएस) ने 31 दिसंबर, 2017 को खत्म हुई तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की गुरुवार को घोषणा की।

वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 38.67 करोड़ रुपये की तुलना में 24 प्रतिशत बढ़कर 20.61 करोड़ रुपये रहा। वित्तवर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में कंपनी का कर उपरांत मुनाफा मार्जिन 10 प्रतिशत रहा, जो वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही के बराबर ही है।

दिसंबर 2017 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी की कुल आय 202.80 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 162.80 करोड़ रुपये की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की ब्याज, कर, ह्रास और ऋण परिशोधन के पूर्व आय (एबिटा) वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में वित्तवर्ष 2017 की तीसरी तिमाही के 28.09 करोड़ रुपये से 35 प्रतिशत बढ़कर 37.99 करोड़ रुपये रही।

वित्तवर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में कंपनी की प्रति शेयर आय (ईपीएस) 2.01 रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में 1.63 रुपये (10:1 स्पिलिट के लिए समायोजित) थी।कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक शिखर अग्रवाल ने कहा, ”जैसा कि हमने शुरू किया था उसी तरह तीसरी तिमाही का समापन शानदार नतीजों के साथ करते हुए हमें खुशी हो रही है। वित्तवर्ष 2018 की तीसरी तिमाही के नतीजे संपूर्ण कंपनी के समर्पण और प्रयासों का प्रमाण है।

ये नतीजे अगली तिमाही के साथ ही साथ भविष्य में बीएलएस इंटरनेशनल की सामान्य वृद्धि के संकेत हैं। हम वित्त वर्ष 2019 में घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई परियोजनाओं के साथ कारोबार के और विस्तार के लिए तत्पर हैं। हम अपने विषेश डोमेन विशेषज्ञता के साथ भारत और विदेश में सभी सरकारों और राजनयिक मिशनों के लिए उत्कृष्ट सेवा प्रदाता बनना चाहते हैं।”

कंपनी की आय में वृद्धि मुख्य रूप से स्पेन की परियोजनाओं की अगुआई और फ्रंट एंड तथा नागरिक सेवा परियोजना के साथ घरेलू बाजार में कंपनी की पहुंच के विस्तार से हुई है। अब तक बीएलएस इंटरनेशनल ने स्पेन परियोजना के लिए 49 देशों में 124 कार्यालय खोले हैं और तीसरी तिमाही में 5 नए सेंटर्स खोले गए हैं। तीसरी तिमाही के अंत तक करीब 14 लाख आवेदनों को प्रोसेस किया गया।

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