फॉक्सवैगन उत्सर्जन मानकों के उल्लंघन में चुकाएगी 100 करोड़ रुपये हर्जाना

नई दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा उत्सर्जन मानदंडों के उल्लंघन के कारण फॉक्सवैगन समूह को 24 घंटों के अंदर 100 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश की प्रतिक्रिया में फॉक्सवैगन समूह ने गुरुवार को कहा कि हालांकि ग्रीन अदालत का आदेश अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, लेकिन कंपनी आदेश का पालन करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा, ”हमने सर्वोच्च न्यायालय में एनजीटी के आदेश को चुनौती दी है। हालांकि फॉक्सवैगन समूह भारत में धन जमा कराने के लिए एनजीटी के आदेश का पालन करेगी।” एनजीटी ने गुरुवार की सुबह जर्मन कार निर्माता को एक महीने के अंदर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास 100 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश दिए थे।

क्योंकि कंपनी ने साल 2018 के नवंबर में दिए गए आदेश का पालन नहीं किया था, जिससे ‘पर्यावरण को गंभीर नुकसान’ पहुंचा, क्योंकि कंपनी ने एक फर्जीवाड़ा करने वाला डिवाइस अपनी गाड़ियों में लगाया जो परीक्षण के दौरान सही उत्सर्जन मानक दिखाता था, जबकि वास्तविक परिस्थितियों में कंपनी की गाड़िया उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन कर रही थी। कंपनी ने हालांकि कहा है कि उसके समूह की सभी कारें ‘उत्सर्जन मानदंडों के अनुरूप’ है। ट्रिब्यूनल ने कंपनी को शुक्रवार तक धन जमा कराने का आदेश दिया है, नहीं तो कंपनी को गिरफ्तारी या कुर्की जब्ती का सामना करना पड़ेगा।

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