पैन संख्या को आधार से जोडऩे की अंतिम तारीख 31 दिसंबर, नहीं तो पैन निष्क्रिय

नई दिल्ली: आयकर के लिए जरूरी स्थायी खाता संख्या पैन-संख्या को आधार से जोडऩे की अंतिम तारीख 31 दिसंबर आने में केवल सात दिन शेष रह गए हैं। अगर आप आयकर रिटर्न भरना चाहते हैं तो पैन कार्ड को आधार के साथ जोडऩा जरूरी है। मुंबई स्थित आयकर विशेषज्ञ बलवंत जैन कहते हैं, ‘जिन लोगों ने इस तारीख तक पैन कार्ड को आधार से नहीं जोड़ा है, उनका पैन निष्क्रिय हो सकता है।’ इस वर्ष की शुरुआत में अधिकारियों ने इस साल सितंबर तक आधार से लिंक नहीं हो सके पैन को अमान्य करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इसे अमान्य कर देने से संबंधित पैनकार्ड की जानकारी के साथ पूर्व में किए गए लेनदेनों पर भी सवालिया निशान लग जाएगा।

जैन बताते हैं, ‘आधार से लिंक नहीं करने पर 31 दिसंबर के बाद पैन निष्क्रिय हो जाएगा लेकिन इसके चलते पहले किए गए लेनदेनों की वैधता बनी रहेगी।’ इसका अर्थ होगा कि इस तारीख के बाद आप लेनदेन में संबंधित पैन का उपयोग नहीं कर पाएंगे, हालांकि सभी पुराने लेनदेन पहले की ही तरह बने रहेंगे। वह कहते हैं कि निष्क्रिय पैन कार्ड का उपयोग किसी भी तरह के लेनदेन में नहीं किया जा सकेगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से आधार और पैन कार्ड को जोड़ा जा सकता है।

यह है उपाय

पहला कदम: सबसे पहले यह देखें कि क्या आपका आधार पैन कार्ड से जुड़ा है अथवा नहीं। कई लोग पहले ही यह कर चुके हैं और अब शायद भूल गए हैं। जो व्यक्ति पहले से आयकर विभाग की वेबसाइट पर पंजीकृत हैं और ऑनलाइन रिटर्न जमा कराते हैं, इस बात की काफी संभावना है कि उन्होंने पैन को आधार से लिंक करा लिया है। अगर आप याद नहीं कर पा रहे हैं तो आयकर विभाग की वेबसाइटइनकमटैक्सइंडियाईफाइलिंगडॉटजीओवीडॉटइन पर जाकर देखें। 

ऑनलाइन तरीका

जो व्यक्ति ऑनलाइन वेबसाइट में लॉगइन कर सकते हैं: ‘प्रोफाइल सेटिंग’ सेक्शन में जाकर ‘आधार जोड़ें’ विकल्प को चुनें। आपकी जानकारी से साथ एक बॉक्स दिखाई देगा। एक बार जानकारी सत्यापित करने पर आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा और ‘लिंक नाउ’ पर क्लिक करना होगा। एक पॉपअप विंडो में आपको आधार नंबर जमा कराने का संदेश मिलेगा। अगर आपको कोई मैसेज नहीं मिलता है तो अपने कंप्यूटर की पॉपअप सेटिंग में जाकर इनकमटैक्स विभाग वेबसाइट के लिए उसे अनब्लॉक कर दें।अगर व्यक्ति लॉगइन करे बिना आधार को पैन से जोडऩा चाहे: इनकमटैक्सइंडियाईफाइलिंगडॉटजीओवीडॉटइन पर जाकर बांई ओर लिखे ‘आधार जोड़ें’ विकल्प पर क्लिक करें।

अपको एक फॉर्म दिखाई देगा। इस फॉर्म में पैन संख्या, आधार संख्या और दूसरी जानकारियां भरें। इसके बाद ‘लिंक आधार’ बटन पर क्लिक करें। एक बार आयकर विभाग का पोर्टल यूआईडीएआई से आपकी जानकारी सत्यापित कर लेगा तो आपको इससे संबंधित मैसेज भेजा जाएगा। अगर आधार और पैन में प्रदर्शित नाम में कोई गलती होती है तो आपको इसे सत्यापित करने के लिए ओटीपी भेजा जाएगा। अगर आपके पैन कार्ड और आधार के आंकड़े अलग-अलग हैं तो बेहतर होगा कि पहले इसे ठीक करा लिया जाए।

ऑफलाइन माध्यम

जो व्यक्ति ऑफलाइन माध्यम से आधार को पैन से जोडऩा चाहते हैं: आयकर विभाग आपको यह विकल्प भी उपलब्ध कराता है। आप अपने करीबी पैन सेवा प्रदाता या एनएसडीएल या यूटीआईआईटीएसएल में जा सकते हैं। एनेक्सचर-1 फॉर्म लें और पैन तथा आधार की फोटोकॉपी साथ में जमा कराएं। अगर पैन तथा आधार की जानकारी में कोई अंतर दिखाई देता है तो आपको बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ सकता है। आमतौर पर पैन कार्ड की जानकारी में किसी भी तरह के बदलाव के लिए 110 रुपये का शुल्क लिया जाता है। आधार की जानकारी में बदलाव करने के लिए 25 रुपये का शुल्क निर्धारित है। 

एसएमएस से आधार-पैन लिंकेज: अगर आप ऑनलाइन तरीके से आधार को पैन से नहीं जोड़ पा रहे तो मैसेज के माध्यम से भी यह किया जा सकता है। आपको पंजीकृत मोबाइल नंबर से 567678 या 56161 पर मेसेज भेजना होगा। मैसेज में इस फॉर्मेट में संदेश लिखें: ‘यूआईडीपैन (स्पेस) 12 अंकों की आधार संख्या (स्पेस) 10 अंकों की पैन संख्या’।

उदाहरण के लिए अगर आपकी आधार संख्या 123412341234 और पैन संख्या एबीसीडीई9999एस है तो आपको यूआईडीपैन 123412341234 एबीसीडीई9999एस लिखकर 567678 या 56161 पर भेजना होगा। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा लेकिन मैसेज भेजने के लिए लगने वाला शुल्क कटेगा। 

यह सुनिश्चित कर लें कि अंतिम तारीख से पहले ही अपने पैन को आधार से जोड़ लें। तो अगर 31 दिसंबर के बाद पैन निष्क्रिय हो गया तो क्या होगा? क्या इसे बाद में आधार से जोड़कर दोबारा सक्रिय किया जा सकेगा? टैक्सस्पैनर के सह-संस्थापक एवं सीएफओ सुधीर कौशिक कहते हैं, ‘हां, अगर आयकर विभाग पैन कार्ड के निष्क्रिय होने के बाद भी आपको इसे आधार से जोडऩे का विकल्प उपलब्ध करा रहा है।’ विशेषज्ञ कहते हैं कि अभी तक इस बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है और हमें फिलहाल इंतजार ही करना होगा। आयकर विभाग ने ‘निष्क्रिय’ को भी परिभाषित नहीं किया है। इसलिए ध्यान रखा जाए कि 31 दिसंबर की तारीख न निकल जाए।

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