कोल इंडिया ने कीमत बढ़ाई

कोलकाता: कोल इंडिया बोर्ड ने मंगलवार को बिजली और गैर-बिजली दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए गैर-कोकिंग कोयले की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। कीमत बढ़ने से चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में खनिक कंपनी को 1,956 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
संशोधित कीमत मंगलवार से प्रभावी होगी और इससे पूरे वर्ष के दौरान कंपनी को 6,421 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

कंपनी ने सोमवार देर रात अपने बयान में कहा, ”बोर्ड ने नॉन कोकिंग कोयले की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है, जो नौ जनवरी से प्रभावी होगी। यह नियमित और गैर-नियमित क्षेत्रों के एनईसी सहित कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों पर लागू होगी।” एक अधिकारी ने कहा, ”इस संशोधन के कारण कोल इंडिया को चालू वित्त वर्ष (2017-18) की शेष अवधि में 1,956 करोड़ रुपये और पूरे वर्ष के दौरान 6,421 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

”मूल्य संशोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत कोयला उपभोक्ता संघ के महासचिव सुभाश्री चौधरी ने आईएएनएस को बताया, ”कोयला उपभोक्ताओं के पास बढ़ी कीमतों की मार को सहने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।” उन्होंने कहा, ”कोल इंडिया की सहायक कंपनियों ने परिवहन शुल्क की तरह शून्य से तीन किलोमीटर के स्लैब में परिधीय शुल्क बढ़ा दिया है।

कंपनी ने दिसंबर से 50 रुपये प्रति टन पर निकासी सुविधा शुल्क भी शुरू किया। हालांकि, नवीनतम संशोधन में कंपनी ने कुछ श्रेणियों के कोयलों की कीमत में कमी की।” सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न श्रेणियों के कोयले की रेंज में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 22 फीसदी और सबसे कम बढ़ोतरी तीन फीसदी के बीच है। कुछ श्रेणी के कोयले में कीमतों में संशोधन कर कमी की गई है। संशोधित मूल्य के बाद कोल इंडिया के शेयरों ने बीएसई में सुबह 11.24 बजे 5.78 फीसदी की वृद्धि दिखाई, जबकि सेंसेक्स में 34,453.10 अंकों के साथ 0.29 फीसदी की वृद्धि देखी गई।

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