एचएएल ने हल्के हेलीकॉप्टर की तीसरी प्रतिकृति का परीक्षण किया

बेंगलुरू: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने लाइट युटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) की तीसरी प्रतिकृति का परीक्षण किया। एचएएल की ओर से सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, एलयूएच की तीसरी प्रतिकृति (पीटी-3) ने 14 दिसंबर को पहली उड़ान भरी। परीक्षण करने वाले पायलट, विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनिल भंभानी और ग्रुप कैप्टन (सेवानिवृत्त) एम. आर. आनंद ने हेलीकाप्टर में उड़ान भरी। रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी द्वारा 10 दिसंबर को घोषणा की गई थी कि एलयूएच की प्रतिकृति का परीक्षण किया गया, जिसमें हेलीकॉप्टर को छह किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ाया गया, जोकि हल्के हेलीकाप्टर के प्रमाणन के लिए आवश्यक माना जाता है।

एचएएल ने कहा कि हेलीकॉप्टर की तीसरी उड़ान में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं पाई गई।एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. माधवन ने एक बयान में कहा, ”इस उड़ान के साथ एलयूएच को उत्पादन की मंजूरी मिलने वाली है। एचएएल को विश्वास है कि वह सैन्य बल की जरूरतों की पूर्ति कर सकता है।” एचएएल द्वारा विकसित एलयूएच तीन टन का एक इंजन वाला हल्का हेलीकॉप्टर है। यह भारतीय सैन्य बल द्वारा उपयोग किए जा रहे पुराने हेलीकॉप्टर चीता और चेतक की जगह लेगा। एलयूएच की प्रतिकृति ने अपनी पहली उड़ान छह सितंबर, 2016 को भरी थी, जिसके बाद इसकी दूसरी प्रतिकृति ने 22 मई, 2017 को उड़ान भरी। एचएएल जनवरी 2019 में एलयूएच की सर्दी के मौसम में ऊंची उड़ान की योजना बना रही है।

एचएएल को 187 एलयूएच का ऑर्डर मिला है, जिनमें 126 देश की थल सेना और 61 भारतीय वायुसेना के लिए है। एचएएल ने देसी तकनीक से हेलीकॉप्टर तैयार किया है, जिससे सैन्य व नागरिक अभियानों की जरूरतों की पूर्ति होगी।

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