राजधानी के पूजा पंडालों को अंतिम टच

जगन्नाथनगर सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति
रांची। जगन्नाथनगर सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति इस बार अपने 54वां वर्ष मनाने जा रहा है। इसे लेकर समिति ने विशेष तैयारी कर रखी है। पूजा को खास बनाने के लिए मां की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। समिति की ओर से काल्पनिक मंदिर का प्रारूप बनाया जा रहा है। 1965 में लगातार मां दुर्गा की पूजा होती आयी है। मूर्तिकार जगदीश पाल यहां के लिए भव्य मूर्ति बना रहे हैं। यहां ढाकी पुरूलिया से है। पंडाल का साज सज्जा दीप्ति साउंड एवं डेकोरेटर्स द्वारा किया जा रहा है। बंगाली परंपरागत पूजन पद्धति से मां की पूजा की जायेगी। 15 अक्टूबर को पंडाल का उद्घाटन सीएमडीसी अभिजीत घोष द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष स्वराज मुखर्जी, सचिव गौतम पात्रा, कोषाध्यक्ष प्रणव साव तथा सदस्य मानस बनर्जी सहित अन्य का सहयोग है।

रांची रेलवे स्टेशन
रांची रेलव स्टेश दुर्गा पूजा समिति की ओर से झारखंडी लोक संस्कृति की झलक यहां पर प्रस्तुत की जाएगी। इसके तहत 130 फीट लंबे 32 फीट ऊंचे और 50 फीट चौड़े पंडाल है। बांस से बनी आकृति के ऊपर लोक कला संस्कृति को दिखाया जाएगा, जिसमें थर्माकोल से लेकर प्लाईवुड सहित अन्य कई सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। पंडाल को टेरा कोटा की मूर्ति और सोहराई पेंटिंग से सजाया जाएगा। इसके अलावा किनारे की दीवार में पूर्व के सैनिक ढाल और तलवार को दिखाया जाएगा जो उनकी वीरता का प्रतीकों का पंडाल के अंदर राम दरबार बनाया जा रहा है। पंडाल के अंदर मां की भव्य प्रतिमा छऊ नृत्य शैली में नजर आएगी।

राजस्थान मित्र मंडल
रांची। राजस्थान मित्र मंडल की ओर से इस वर्ष मां दुर्गा पूजा पंडाल को काल्पनिक स्वरूप दिया गया है। यह स्वरूप पूरी तरह से इको फ्रेंडली है, जिसमें किसी तरह कैमिकल व अप्रकृतिक रंगों का प्रयोग नहीं किया गया है। प्रकृति को ध्यान में रखते हुए समिति ने सब कुछ इको फ्रेंडली रखा है, जिससे तलाब दूषित ना हो और तालाब में रहने वाले जीवो को कोई नुकसान न पहुंचे। पंडाल को देखने पर राजस्थानी संस्कृति का स्वरूप साफ दिखाई पड़ता है। पंडाल के सामने दो ऊंट बनायी गई है, जिसकी ऊंचाई 25 फीट है। यह बताता है कि राजस्थान की संस्कृति अब झारखंड में देखी जा सकेगी। पंडाल में वीर शहीद को दर्शाया गया है और और मां दुर्गा को भारत माता के रूप में प्रस्तुत किया है। मां की मूर्ति समुद्री सीप से बनाई गई है। साथ ही समिति ने बताया कि पूजा पंडाल के अंदर देश भक्ति गीत बजाये जाएंगे। समिति के अध्यक्ष अशोक पुरोहित तथा मंत्री मंटू जलान है।

संग्राम क्लब
कचहरी स्थित संग्राम क्लब में इस वर्ष गंगा मां की कहानी प्रस्तुत की गई है, जिसमें दिखाया गया है कि राजा भगीरथ अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के लिए मां गंगा को धरती पर आने का आह्वान करते हैं और फिर मां उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिव की जटा से बाहर आती है, जिसे वो भागीरथी के नाम से दिखाया गया है और आगे जाकर या कैसे अलकनंदा नदी से मिलती है तथा अलकनंदा के बाद देवप्रयाग के संगम को भी काफी खुबसुरती के साथ दिखाया गया है। साथ ही इसके आगे गंगा यमुना सरस्वती के संगम को दिखाया है। पंडाल देखने से यही संदेश मिल रहा है कि मां गंगा कैसे देशवासियों को अपने में समाहित कर उसका पोषण कर रही है। इसमें ना किसी धर्म जाति मजहब को दर्शाया गया है बल्कि एक भारतीयता को दर्शाया गया है। समिति के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता तथा सचिव संजय गुप्ता है।

ओसीसी क्लब
बंगला स्कूल में इस बार स्वर्ग लोक का नजारा भक्तों को देखने को मिलेगा। पंडाल का निर्माण मच्छरदानी तथा मछली के जाल से किया गया है और इसके ऊपर पंख लगा कर कारीगिरी की गई है, जिसे देखने पर काफी खूबसूरत प्रतीत होता है। साथ ही इसमें कमल का फूल मछली मोर आदि को भी दर्शाया गया है। बाहर से इसका आकृति मोर के समान है जिसके बीच में मां विराजमान ऐसा लगता है। इसके अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष राजेश, सचिव गोकुलदास हैं। कुल बजट 17 लाख का है।

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